पहली बारिश में धंसी जयपुर की सड़कें, कांग्रेस-BJP भिड़ी
Jaipur Weather News: पिंक सिटी जयपुर में मानसून की बारिश ने लोगों को राहत देने के साथ-साथ परेशानी भी बढ़ा दी है. बारिश की वजह से कई जगहों पर सड़कें धंस गई हैं, जिसकी वजह से गाड़ियां पलट रही हैं.

मानसून की बारिश ने एक तरफ जहां पिंक सिटी जयपुर के लोगों को गर्मी से कुछ निजात दिलाई है, वहीं यह बारिश शहर के लोगों के लिए बड़ी मुसीबत का सबब भी बन चुकी है. बारिश की वजह से सड़कों पर न सिर्फ जल भराव हो रहा है, बल्कि तमाम जगहों पर सड़कें धंस गई हैं और उन पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं.
गड्ढे वाली सड़कों पर लगातार हादसे हो रहे हैं. गाड़ियां पलट रही हैं और लोगों को चोट आ रही है. सड़कों पर बारिश की वजह से हुए गड्ढों और इसकी वजह से हो रहे हादसों पर खूब सियासत भी हो रही है. कांग्रेस पार्टी इसे लेकर लगातार सरकार पर निशाने साथ रही है तो वहीं बीजेपी इसके लिए कांग्रेस की पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही है.
भारी बारिश से टोंक रोड की सिक्स लेन की सड़क अचानक धंसी
जयपुर के जिस विकास प्राधिकरण और नगर निगम पर शहर की सड़कों व गलियों को ठीक रखने और उन्हें सजाने संवारने के जिम्मेदारी है, उन्हीं के दफ्तर से महज चंद कदम की दूरी पर मानसून की पहली ही बारिश में टोंक रोड की लाल कोठी इलाके की सिक्स लेन की सड़क अचानक धंस गई थी. करीब 60 से 70 फीट लंबाई में बड़ा गड्ढा हो गया था. गनीमत यह थी कि उसे वक्त यहां पर कोई भी राहगीर या वाहन नहीं गुजर रहा था.
इसी तरह शहर के मानसरोवर इलाके में गंगा जमुना पेट्रोल पंप के सामने की सड़क कुछ दिनों पहले रात को अचानक धंसने लगी और बड़ा गड्ढा हो गया. वहां खड़ी एक कार का आधा हिस्सा इसी गड्ढे में समा गया. कार मलिक ने तुरंत क्रेन बुलवाकर उसे पूरी तरह गड्ढे में समाने से बचा लिया.
राजस्थान: घर में घुसकर युवक ने चाकू से किया हमला, मां की हत्या; 2 बेटियां घायल
शहर में दो दर्जन से ज्यादा जगहों पर सड़कों पर गड्ढे
सड़कों पर गड्ढे जयपुर में सिर्फ इन्हीं दो जगहों पर नहीं हुए, बल्कि शहर में दो दर्जन से ज्यादा जगहों पर सड़कों का यही हाल हुआ है. कई जगहों पर लोगों के वाहन पलट गए और तमाम जगहों पर लोगों को चोट भी आई. जयपुर शहर में शायद ही कोई ऐसा इलाका हो जहां सड़कों पर इस तरह से गड्ढे ना हो रहे हो और लोग गड्ढों की वजह से हादसे का शिकार ना हो रहे हो. वर्ल्ड क्लास का शहर कहे जाने वाले जयपुर का यह हाल तब है, जब इस साल मानसून में एक भी दिन ज्यादा तेज बारिश नहीं हुई है. सोचिए अगर कई दिनों तक लगातार घनघोर बारिश हो तो यहां की सड़कों का क्या हाल होगा?
वैसे यह पहला मौका नहीं है जब बारिश के सीजन में जयपुर की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो रही हैं. यह रोना हर साल का है. हर साल बारिश आती है. हर साल सड़कें धंसती हैं. उन पर गड्ढे होते हैं. कोहराम मचता है, सियासत होती है और फिर सब कुछ ठंडे बस्ते में चला जाता है. शायद बारिश के सीजन में शहर के बीचो-बीच की सड़कों का धंसना और उन पर गड्ढे होना जयपुर का मुकद्दर बन चुका है.
'बारिश ठीक से हुई भी नहीं, फिर भी सड़कों का यह हाल'
जयपुर शहर के परेशान लोग अब सरकार और प्रशासन को जमकर कोस रहे हैं. उनका कहना है कि इस बार बारिश भी ठीक से नहीं हुई है, फिर भी सड़कों का यह हाल कतई ठीक नहीं है. कोई इन गड्ढों के लिए प्रशासन को कोस रहा है तो कोई सरकार या सिस्टम को. जिम्मेदार अधिकारी हर बार की तरह इस साल भी मुंह सिले बैठे हुए हैं. तमाशबीन की तरह वर्ल्ड क्लास सिटी पर लगते दाग और परेशान हो रहे लोगों की दिक्कतों का तमाशा देख रहे हैं.
बहरहाल इस मुद्दे पर अब सियासत भी शुरू हो गई है. कांग्रेस पार्टी के सीनियर लीडर और राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली का कहना है कि मौजूदा भजन लाल शर्मा सरकार को जनता की परेशानियों से कोई वास्ता नहीं है. यह सरकार सिर्फ नफरत की राजनीति को आगे बढ़ाते हुए लोगों को आपस में बांटने का काम कर रही है. विकास कहीं भी सरकार के एजेंडे में नहीं है
'इन गड्ढों के लिए अशोक गहलोत की सरकार जिम्मेदार'- गोपाल शर्मा
इस बारे में बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा का कहना है कि इन गड्ढों के लिए अफसरान और अशोक गहलोत की अगुवाई वाली कांग्रेस की पुरानी सरकार जिम्मेदार है. उनके मुताबिक पहले की सरकार ने ठीक काम नहीं किया और उसका खामियाजा आज जनता को भुगतना पड़ रहा है. वैसे राजस्थान में हर पांच साल में सरकार बदल जाने का रिवाज है, ऐसे में बीजेपी या कांग्रेस कोई भी पूरी तरह से एक दूसरे को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकतीं.
बहरहाल वर्ल्ड क्लास सिटी जयपुर जो कि अपनी खूबसूरती की वजह से समूची दुनिया में जानी जाती है, बारिश में बदहाल सड़कें और उन पर गड्ढे, इस शहर की खूबसूरती में बदनुमा दाग साबित हो रही हैं. कहा जा सकता है कि यहां सरकार बदलने की नहीं बल्कि सिस्टम बदलने की जरूरत है, तभी जयपुर पर हर साल लगने वाला बदनुमा दाग मिट सकता है.
भरतपुर मंदिर से चोरी हुआ हीरा खोजेगी सरकार, इतने लाख है कीमत
























