'तो यह दिन नहीं देखना पड़ता... ' मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के धरने पर बोले अशोक गहलोत
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर धरने पर बैठे हैं.

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर धरने पर बैठे हैं. उनके इस धरने पर राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार से बड़ी मांग की है.
गहलोत ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि केन्द्र सरकार ने लगभग एक महीने तक असंवेदनशीलता और संवादहीनता की स्थिति बनाए रखी. जब युवाओं ने अपनी बात सरकार तक पहुँचाने के लिए संसद मार्च करने का निर्णय लिया, तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले तक दागे.
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उन्होंने लिखा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य विपक्षी नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष से संसद में इस पर चर्चा की मांग की, परंतु सरकार न तो संसद में चर्चा कर रही है और न ही युवाओं से संवाद करने को तैयार है.
पूर्व सीएम ने लिखा कि इसी हठधर्मिता के कारण आज लोकसभा और राज्यसभा के नेता प्रतिपक्षों को प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देना पड़ रहा है. यदि यह सरकार लोकतंत्र और संवाद में विश्वास रखती, तो देश को यह दिन नहीं देखना पड़ता.
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‘प्रधानमंत्री इस्तीफा दो’ के नारे लगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य नेता, छात्रों के खिलाफ पुलिस के बल प्रयोग के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रधानमंत्री आवास के निकट धरने पर बैठ गए. प्रधानमंत्री के आवास ‘7 लोक कल्याण मार्ग’ के निकट धरने पर बैठे कांग्रेस नेताओं ने यहां ‘प्रधानमंत्री इस्तीफा दो’ के नारे लगाए.
इस धरने में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और कई अन्य सांसद शामिल हैं. इससे पहले, राहुल गांधी ने कहा कि पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए और पद से इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से यह भी कहा कि छात्रों की पिटाई के लिए गृह मंत्री अमित शाह को भी त्यागपत्र देना चाहिए.
प्रियंका गांधी ने कहा, ‘हम सदन में चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन विपक्ष को बात नहीं करने दिया जाता. ये सदन उन्हीं युवाओं का है जिन पर सरकार लाठी चला रही है, आंसू गैस के गोले छोड़ रही है. बच्चों की बात सुनी जाए और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लिया जाए. ’ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचकर घायल छात्रों से मुलाकात भी की.


















