सिरोही में पहली बार 3D इम्प्रेशन आर्ट की शुरुआत, खुशबू कायमखानी बना रहीं यादों को अमर
Rajasthan News: सिरोही में पहली बार 3D इम्प्रेशन आर्ट की शुरुआत. खुशबू कायमखानी नवजात से लेकर पूरे परिवार के हाथों-पैरों का 3D इम्प्रेशन बना रही हैं. खुशबू कायमखानी ने कहा की केमिकल-फ्री प्रक्रिया है.

डिजिटल युग में जब जीवन के खास पल मोबाइल कैमरे और सोशल मीडिया तक सीमित होते जा रहे हैं, ऐसे समय में सिरोही जिले में एक नई और भावनात्मक कला ने दस्तक दी है. 3D इम्प्रेशन आर्ट के माध्यम से यादों को वास्तविक रूप देने वाली इस कला की शुरुआत जिले में पहली बार आर्टिस्ट खुशबू कायमखानी ने की है. खुशबू कायमखानी सिरोही जिले की पहली 3D इम्प्रेशन आर्टिस्ट हैं, जो रिश्तों, भावनाओं और खास पलों को त्रिआयामी यानी 3D स्वरूप देकर उन्हें जीवनभर के लिए संजोने का कार्य कर रही हैं.
यादें जो तस्वीरों से आगे निकलकर बनें धरोहर
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने जीवन के सबसे खूबसूरत पलों को केवल फोटो या वीडियो तक सीमित नहीं रखना चाहते. वे चाहते हैं कि ये पल हमेशा उनके सामने जीवंत रूप में रहें. इसी सोच को साकार कर रही हैं खुशबू कायमखानी, जो 3D इम्प्रेशन आर्ट के जरिए यादों को एक स्थायी और भावनात्मक पहचान दे रही हैं. यह कला न केवल देखने में आकर्षक है, बल्कि भावनाओं से भी गहराई से जुड़ी हुई है.
नवजात शिशुओं से लेकर परिवार तक का 3D इम्प्रेशन
आर्टिस्ट खुशबू कायमखानी द्वारा नवजात शिशुओं के हैंड और फीट 3D इम्प्रेशन तैयार किए जा रहे हैं, जो माता-पिता के लिए एक अमूल्य स्मृति बनते हैं. इसके अलावा पैरेंट्स ब्लेसिंग हैंड, पति-पत्नी के कपल हैंड इम्प्रेशन और पूरे परिवार के संयुक्त 3D हैंड इम्प्रेशन भी बनाए जा रहे हैं. यह इम्प्रेशन केवल एक आर्टवर्क नहीं, बल्कि परिवार के प्रेम, आशीर्वाद और आपसी जुड़ाव की जीवंत मिसाल हैं.
पूरी तरह सुरक्षित और केमिकल-फ्री प्रक्रिया
3D इम्प्रेशन आर्ट को लेकर लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर कई सवाल होते हैं, खासकर जब बात नवजात शिशुओं की हो. इस पर आर्टिस्ट खुशबू कायमखानी का कहना है कि उनके द्वारा उपयोग में ली जाने वाली सामग्री पूरी तरह केमिकल-फ्री, सुरक्षित और बेबी-फ्रेंडली है. इम्प्रेशन बनाने की प्रक्रिया में शिशु या परिवार के किसी भी सदस्य को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होती. तैयार किए गए 3D इम्प्रेशन को मजबूत और आकर्षक फ्रेम में सजाया जाता है, जिससे यह लंबे समय तक सुरक्षित रहता है.
एक माह में पूरी होती है प्रक्रिया
आर्टिस्ट खुशबू कायमखानी ने जानकारी देते हुए बताया कि 3D इम्प्रेशन आर्ट की संपूर्ण प्रक्रिया लगभग एक माह में पूरी होती है. इस दौरान हाथों और पैरों की उंगलियों की संरचना, नाखूनों की सूक्ष्म बारीकियां, अंगूठी सहित प्रत्येक छोटे-से-छोटे विवरण को अत्यंत सावधानी और सटीकता के साथ उकेरा जाता है. इसी बारीकी और मेहनत के कारण तैयार किया गया 3D इम्प्रेशन पूरी तरह प्राकृतिक, वास्तविक और जीवंत दिखाई देता है, मानो वह असली रूप में सामने मौजूद हो.
लोगों में बढ़ रहा क्रेज
खुशबू कायमखानी के अनुसार, आज लोग अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसर—जैसे बेटी का जन्म, पहले बच्चे की यादें, माता-पिता का आशीर्वाद, शादी की सालगिरह और पारिवारिक बंधन—को खास अंदाज में सहेजना चाहते हैं. इसी वजह से 3D इम्प्रेशन आर्ट के प्रति लोगों का रुझान लगातार बढ़ रहा है. सिरोही जिले के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी लोग इस अनोखी कला में रुचि दिखा रहे हैं.
अब बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा
अब तक इस तरह की कला के लिए लोगों को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन सिरोही जिले में इसकी शुरुआत होने से स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है. यह पहल न केवल समय और खर्च की बचत कर रही है, बल्कि स्थानीय स्तर पर क्रिएटिव आर्ट को भी बढ़ावा दे रही है.
महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की मिसाल
खुशबू कायमखानी की यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक प्रेरणादायक कदम है. हैंडमेड और क्रिएटिव आर्ट के माध्यम से उन्होंने न केवल अपनी पहचान बनाई है, बल्कि अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी है. आने वाले समय में 3D इम्प्रेशन आर्ट सिरोही जिले की एक नई पहचान बनती नजर आ रही है. यह कला न सिर्फ यादों को संजोने का माध्यम है, बल्कि भावनाओं को स्थायित्व देने वाली एक अनोखी पहल भी है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए यादों की अमर धरोहर बनकर रहेगी.
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Source: IOCL






















