Cuet UG 2026: सीयूईटी यूजी फॉर्म 2026 में भूलकर भी न करें ये कॉमन गलतियां, वरना रिजेक्ट हो सकता है आवेदन
इस साल परीक्षा हाइब्रिड मोड में होगी और उम्मीदवार अधिकतम 5 विषय ही चुन सकते हैं. साथ ही आधार कार्ड और डिजिलॉकर से वेरिफिकेशन जरूरी कर दिया गया है.

सीयूईटी यूजी 2026 की आवेदन प्रक्रिया 3 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है. हर साल की तरह इस बार भी लाखों छात्र देश की टॉप यूनिवर्सिटीज में एडमिशन के लिए यह परीक्षा देने वाले हैं. जैसे ही एनटीए ने आवेदन पोर्टल खोला, वैसे ही छात्रों में फॉर्म भरने की जल्दी मच गई. लेकिन बिना पूरी जानकारी और सावधानी के फॉर्म भरना कई बार भारी पड़ सकता है.एनटीए (NTA) ने साफ कर दिया है कि सीयूईटी यूजी 2026 के आवेदन केवल ऑनलाइन मोड में ही स्वीकार किए जाएंगे.
इस साल परीक्षा हाइब्रिड मोड में होगी और उम्मीदवार अधिकतम 5 विषय ही चुन सकते हैं. साथ ही आधार कार्ड और डिजिलॉकर से वेरिफिकेशन जरूरी कर दिया गया है. पिछले वर्षों के आंकड़ों के मुताबिक, करीब 10 से 15 प्रतिशत आवेदन फॉर्म में गलती पाई जाती है. इनमें से कुछ फॉर्म बाद में करेक्शन विंडो में ठीक हो जाते हैं, लेकिन कई आवेदन पूरी तरह रिजेक्ट भी कर दिए जाते हैं. इसलिए जरूरी है कि छात्र फॉर्म भरते समय हर छोटी-बड़ी जानकारी को ध्यान से जांचें. अगर आप भी सीयूईटी यूजी 2026 के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि किन आम गलतियों से बचें, वरना आवेदन रिजेक्ट हो सकता है.
सीयूईटी यूजी 2026 फॉर्म भरते समय न करें ये गलतियां
1. फोटो और सिग्नेचर का गलत फॉर्मेट अपलोड करना - कई छात्र फोटो और सिग्नेचर को हल्के में ले लेते हैं, जबकि यही सबसे ज्यादा रिजेक्शन की वजह बनता है. इसलिए फोटो हाल की होनी चाहिए, चेहरे का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा साफ दिखाई दे. बैकग्राउंड सफेद होना चाहिए. बिना मास्क और बिना चश्मे की फोटो हो. इसमें सेल्फी अपलोड करना, धुंधली या पुरानी फोटो लगाना, चश्मा पहनकर फोटो देना आम गलतियों में शामिल है.
2. पुराने कैटेगरी सर्टिफिकेट का यूज - OBC-NCL और EWS कैटेगरी के छात्रों के लिए यह गलती बहुत खतरनाक साबित हो सकती है. इसलिए ध्यान रखें कि सर्टिफिकेट हाल का होना चाहिए. सिर्फ Central Format वाला सर्टिफिकेट ही मान्य होगा. स्टेट फॉर्मेट के सर्टिफिकेट कई यूनिवर्सिटी स्वीकार नहीं करतीं, अगर आपका सर्टिफिकेट पुराना है, तो समय रहते उसे रिन्यू जरूर कराएं.
3. नाम, जन्मतिथि या माता-पिता के नाम में गलती - सीयूईटी यूजी फॉर्म में भरी गई जानकारी आपकी 10वीं की मार्कशीट से पूरी तरह मेल खानी चाहिए.
अगर आधार कार्ड में नाम अलग और फॉर्म में अलग हो, स्पेलिंग में छोटा सा फर्क, जन्मतिथि गलत भर देना जोखिम हो सकता है. एनटीए ने साफ कहा है कि अगर आधार और डॉक्यूमेंट्स में जानकारी मेल नहीं खाती, तो वेरिफिकेशन फेल हो सकता है. इसलिए फॉर्म भरने से पहले आधार कार्ड अपडेट करवा लेना बेहतर है.
4. गलत विषय (Subjects) का चुनाव - सीयूईटी यूजी की सबसे बड़ी उलझन सब्जेक्ट सिलेक्शन होती है. कई छात्र ऐसे विषय चुन लेते हैं जो उन्होंने 12वीं कक्षा में पढ़े ही नहीं होते हैं. इसका नुकसान यह है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) जैसी कई यूनिवर्सिटीज सिर्फ उन्हीं विषयों का स्कोर मानती हैं जो 12वीं में पढ़े गए हों. गलत विषय चुनने पर काउंसलिंग से बाहर भी किया जा सकता है
इसलिए विषय चुनते समय अपनी 12वीं की मार्कशीट जरूर चेक करें.
5. फीस भुगतान और कंफर्मेशन पेज को नजरअंदाज करना - कई बार छात्र पूरा फॉर्म भर देते हैं, लेकिन फीस का भुगतान सही तरीके से नहीं हो पाता.जब तक Confirmation Page जनरेट नहीं होता, आवेदन अधूरा माना जाता है, सिर्फ फीस कट जाना ही काफी नहीं है. इसलिए कंफर्मेशन पेज डाउनलोड करें और उसका प्रिंट या PDF सुरक्षित रखें.
सीयूईटी यूजी 2026 के लिए एनटीए की जरूरी सलाह
1. इंफॉर्मेशन बुलेटिन पूरा ध्यान से पढ़ें.
2. अपना खुद का मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी ही यूज करें.
3. परीक्षा केंद्र का चुनाव सोच-समझकर करें.
4. एक से ज्यादा आवेदन फॉर्म न भरें.
5. आखिरी तारीख (30 जनवरी 2026) का इंतजार न करें, सर्वर स्लो या डाउन हो सकता है.
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Source: IOCL






















