'गरीबों से मुंह मोड़ रही बीजेपी सरकार', MGNREGA मामले पर राजस्थान कांग्रेस ने बोला हमला
Save MGNREGA Campaign: मनरेगा समाप्त करने के विरोध में कांग्रेस का प्रदेशव्यापी धरना. डोटासरा ने कहा- केंद्र ने गरीबों की रोजी-रोटी छीनी. नई योजना में राज्यों पर 40% बोझ. 45 दिन का जन जागरण.

केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून को समाप्त करने के विरोध में कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाए जा रहे 'मनरेगा बचाओ संग्राम' अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर जिला कांग्रेस कमेटियों द्वारा धरना एवं उपवास कार्यक्रम आयोजित किए गए.
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, AICC प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित धरना एवं उपवास कार्यक्रम में शामिल हुए.
डोटासरा ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
मीडिया को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि मनरेगा कानून को निरस्त कर केंद्र की भाजपा सरकार ने देश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब की रोजी-रोटी छीनने का काम किया है. उन्होंने कहा, "कांग्रेस सरकार द्वारा मनरेगा योजना लागू किए जाने पर ग्रामीण क्षेत्र में हर गरीब का अधिकार मिला था कि मांगते ही रोजगार मिले, अन्यथा मानदेय दिया जाता था. इस योजना से गरीब व्यक्ति की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई, परिवार पालने के साथ अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पाए."
डोटासरा ने कहा कि गरीब व्यक्ति को महाजन और सूदखोरों के चंगुल से बचाने का कार्य इस योजना से हुआ, क्योंकि कोई भी व्यक्ति आवश्यकता पड़ने पर अपने ही क्षेत्र की पंचायत में जाकर फॉर्म जमा कर रोजगार प्राप्त कर सकता था. "किंतु अब केंद्र सरकार ने गरीबों को सम्बल प्रदान करने वाली मनरेगा को समाप्त कर दिया है. भाजपा के नेता कभी गरीब के साथ रहे ही नहीं, इसलिए इस योजना को बंद किया है," उन्होंने कहा.
डोटासरा ने स्पष्ट किया कि भाजपा ऐसा प्रदर्शित कर रही है कि कांग्रेस का विरोध नाम बदलने के कारण है, जबकि वास्तविकता यह है कि केंद्र की भाजपा सरकार ने पूरी योजना ही समाप्त कर दी.
उन्होंने कहा कि नई योजना के तहत
1.न तो गरीब के लिए काम का अधिकार की गारंटी है
2.काम वहीं मिलेगा जहां केंद्र सरकार आवंटित करेगी
3.काम उतना ही मिलेगा जितना बजट केंद्र सरकार देगी
4.पूर्व में योजना के तहत समस्त मजदूरी देने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की थी, किंतु अब राज्यों पर 40 प्रतिशत हिस्सेदारी का बोझ लाद दिया है
5.राजस्थान की आर्थिक स्थिति खराब, 40% हिस्सा देना नामुमकिन
डोटासरा ने कहा कि राजस्थान जैसे प्रदेश में जहां बीजेपी की प्रदेश सरकार के दो वर्ष के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण
1.कर्मचारियों को तनख्वाह देना भी मुश्किल हो गया है
2.वृद्धावस्था, विधवा सहित पेंशन योजना के तहत समय पर पेंशन सरकार नहीं दे पा रही है
3.बच्चों को स्कॉलरशिप नहीं मिल रही है
4.मूलभूत ढांचे के कार्य नहीं हो रहे हैं
5.पूर्व में कांग्रेस सरकार द्वारा जो कार्य करवाए गए थे उनका भी भुगतान नहीं किया जा रहा है
6.राजस्थान सरकार का कर्ज सवा लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है
"ऐसे में नई योजना के तहत 40 प्रतिशत हिस्सेदारी का भार वहन करना राजस्थान सरकार के बूते की बात नहीं है और योजना खत्म करने के लिए ही केंद्र सरकार ने ऐसे प्रावधान किए हैं," उन्होंने कहा कि राजस्थान में भाजपा सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों के चुनाव नहीं करवाए, जिस कारण प्रदेश का 3000 करोड़ रुपये की केंद्र से मिलने वाली राशि लैप्स होने की कगार पर है. मनरेगा योजना के तहत बकाया राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है.
45 दिन तक चलेगा जन जागरण अभियान
डोटासरा ने कहा कि 45 दिन तक विभिन्न स्तरों - जिला, ब्लॉक, मंडल और बूथ स्तरों पर भाजपा सरकार के विरुद्ध जन जागरण अभियान जारी रहेगा. कांग्रेस के समस्त नेता एवं कार्यकर्ता गरीब कल्याण की देश की सबसे बड़ी योजना मनरेगा को पुनर्स्थापित कराने के लिए .कोई कसर नहीं छोड़ेंगे "प्रदेश के गांव-गांव, ढाणी-ढाणी में कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ता जाकर भाजपा के कुत्सित उद्देश्यों को उजागर करने का कार्य करेंगे," उन्होंने कहा.
रंधावा: भाजपा को गरीबों से कोई सरोकार नहीं
राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि पूरे देश में कांग्रेस पार्टी गरीबों की सुरक्षा के लिए बनाई गई मनरेगा को पुनः लागू कराने हेतु आंदोलन कर रही है. उन्होंने कहा, "भाजपा के नेताओं को गरीब से कोई सरोकार नहीं है. वे उद्योगपतियों के तो ऋण माफ कर देते हैं, किंतु गरीब कल्याण के लिए मनरेगा योजना चलाने के लिए उनके पास बजट देने की मंशा नहीं है."
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री से प्रश्न किया कि प्रदेश की विपरीत आर्थिक स्थिति के बावजूद क्या राजस्थान की भाजपा सरकार मनरेगा के स्थान पर लागू नई योजना के तहत राज्य का 40 प्रतिशत हिस्सा वहन करने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि केवल केंद्र सरकार जितना बजट दे उतना ही काम नई योजना के तहत दिया जा सकेगा. उससे अधिक कार्य करवाने पर राज्यों को ही खर्चा वहन करना होगा. यह अन्याय है, इसलिए केंद्र सरकार को तुरंत गरीब कल्याण हेतु मनरेगा योजना को पुनः लागू करना चाहिए.
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Source: IOCL
























