Healthy Liver: राजस्थान में हेल्दी लीवर अभियान शुरू, हेपेटाईटिस के प्रति किया जा रहा जागरूक, जानें रोग के बारे में सबकुछ
Healthy Liver: राजस्थान में 'हेल्दी लीवर अभियान' शुरू हो गया है. अभियान के तहत लोगों को वायरल हैपेटाईटिस रोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है. हेपेटाईटिस के संक्रमण से लीवर में सूजन आ जाती है.

Rajasthan News: राजस्थान के सभी जिलों में 'हेल्दी लीवर अभियान' शुरू हो गया है. अभियान चिकित्सा विभाग के निर्देशानुसार चलाया जा रहा है. बूंदी के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ महेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि हेल्दी लीवर अभियान के तहत हेपेटाईटिस पर आमजन को जागरुक किया जा रहा है. हेपेटाईटिस वायरल इंफेक्शन की बीमारी है. अभियान के तहत चिकित्सा विभाग की टीमें हर गांव का दौरा कर ग्रामीणों को जागरूक करेंगी.
सीएमएचओ महेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि हेपेटाईटिस बीमारी लिवर को प्रभावित करती है. लीवर का काम शरीर के सभी अंगों को पोषक तत्त्व पहुंचाना होता है. हेपेटाईटिस के संक्रमण से लीवर में सूजन आ जाती है. बीमारी पीलिया का भी कारण बनती है. संक्रामक बीमारी लापरवाही बरतने पर एक से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकती है. कभी-कभी बीमारी मरीज की जान भी ले सकती है.
'हेल्दी लीवर अभियान' हुआ शुरू
डॉक्टर्स की मानें तो हेपेटाईटिस बी और सी सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं. पीड़ित मरीजों को लीवर सिरोसिस होने की आशंका रहती है. ऐसी स्थिति में मरीजों का लीवर सिकुड़कर काम करना बंद कर देता है. कई बार लीवर में पानी भर जाता है, खून की उल्टियां होने लगती हैं और शरीर पर सूजन आ जाता है. मरीज को लीवर कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है. ऐसे में संक्रामक बीमारी से बचाव ही सबसे कारगर उपाय है. बचने के लिए इंजेक्शन, रेजर्स या टूथब्रश दूसरे से साझा न करें. असुरक्षित यौन संबंध और दूषित खानपान से बचें. बच्चों को हेपेटाईटिस के टीके जरूर लगवाएं. गर्भवती महिलाओं का हेपेटाईटिस बी और सी टेस्ट करवाएं. खुली चोट को छूने से पहले हाथ अच्छी तरह साफ कर लें.
हेपेटाईटिस के कारण और प्रकार
डॉक्टर कमलेश कुमार ने बताया कि दूसरे का टूथब्रश और शेविंग रेजर इस्तेमाल करना, सिरिंज या सर्जरी के उपकरणों का बिना स्ट्रलाइजेशन इस्तेमाल करना, इंजेक्शन से किसी प्रकार का नशा करना, असुरक्षित तरीके से यौन संबंध बनाना, गलत तरीके से खून देना या चढ़वाना और दूषित खानपान हेपेटाईटिस बीमारी के मुख्य कारण हैं. डॉ महेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि वायरल हेपेटाईटिस पांच प्रकार के होते हैं. हेपेटाईटिस ए, बी, सी, डी और ई होता है. हेपेटाईटिस ए और ई दूषित पानी, भोजन के कारण होता है. हेपेटाईटिस बी, सी और डी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से होते हैं.
हेपेटाईटिस ए और ई अपेक्षाकृत कम खतरनाक होते हैं. हेपेटाईटिस बी, सी और डी लीवर को नुकसान पहुंचाते हैं. लक्षणों में भूख न लगना, जी मिचलाना और पेट में दर्द, आंखों में पीलापन, थकान और तेजी से वजन कम होना, पाचन संबंधी समस्या, उल्टियां आना, पैरों में सूजन, सिर में दर्द, हल्का बुखार रहना और यूरिन का कलर पीला होना है. उन्होंने कहा कि वायरस का पता लगाने के लिए लीवर फंक्शन टेस्ट, एंटीजन और एंटीबॉडीज टेस्ट कराना चाहिए.
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28 जुलाई तक चलेगा अभियान
सीएमएचओ डॉ महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जिले में 28 जुलाई तक हेल्दी लीवर अभियान चलाया जाएगा. डिप्टी सीएमएचओ डॉ कमलेश शर्मा ने कहा कि अभियान के दौरान विभिन्न जागरुकता कार्यक्रम, गर्भवती महिलाओं, कैदियों, टीबी रोगियों, हाई रिस्क ग्रुप के व्यक्तियों, डायलिसिस वाले रोगियों की स्क्रीनिंग की जायेगी और पॉजिटिव पाये जाने पर इलाज चिकित्सा संस्थानों पर किया जाएगा. बीमारी से बचाव के लिए तीन टीके लगते हैं. पहले टीके के बाद अगला टीका 30वें और फिर 180वें दिन लगता है. हार्ट, ब्लड प्रेशर के मरीज और गर्भवती महिलाओं को भी टीके लगवाएं. शिशुओं को जन्म के समय ही टीके लगवाना होता है.
Source: IOCL


























