Rajasthan: BJP के पूर्व नेता को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, जानें क्या है मामला?
Crime News: राजस्थान में महिला अधिकारी ने बीजेपी के पूर्व नेता भंवर सिंह पलारा पर रेप का आरोप लगाया था. इस मामले में उन्हें हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है.

रेप के आरोपों के मामले में राजस्थान में बीजेपी के पूर्व नेता भंवर सिंह पलारा (Bhanwar Singh Palara) को बड़ी राहत मिली है. हाई कोर्ट ने पलारा को बरी कर दिया है. राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर पीठ ने कहा कि सभी रिकॉर्ड देखने और 24 मई 2022 को पीड़िता द्वारा दिए गए बयान पर विचार करने के बाद यह प्रारंभिक (प्राइमा फेसि) राय बनाई है कि इस एफआईआर की जांच जारी रखना न केवल याचिकाकर्ताओं के लिए, बल्कि खुद पीड़िता के लिए भी परेशान करने वाला होगा.
इसके अलावा, पीड़िता खुद अदालत में पेश हुई और वही बात दोहराई जो उसने मजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 के तहत अपने बयान में कही थी, कि यह शिकायत गलती से और दबाव में दर्ज कराई गई थी. उसने यह भी बताया कि शिकायत देने के तुरंत बाद, जब एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी, तभी उसने जांच अधिकारी से अनुरोध किया था कि आगे कार्रवाई न की जाए. इसलिए अदालत की प्रारंभिक राय है कि यह एफआईआर केवल आपसी समझौते के आधार पर नहीं, बल्कि अपने आप में ही खत्म की जानी चाहिए.
बता दें कि रेप के आरोपों के मामलों में तब राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रैंक के राजस्थान पुलिस सेवा (RPS) के 2 अधिकारियों को निलंबित कर दिया था. इन दोनों अफसरों के नाम भीलवाड़ा (Bhilwara) जिले में एक महिला उपनिरीक्षक की तरफ से दर्ज करवाई गई एफआईआर (FIR) में थी. महिला अधिकारी ने पलारा पर उसके साथ रेप (Rape) करने का आरोप लगाया था.
गृह विभाग ने जारी किए थे आदेश
गृह विभाग ने आरपीएस अधिकारी संजय गुप्ता और गजेन्द्र सिंह जोधा के निलंबन के आदेश जारी किए थे. गुप्ता अजमेर के किशनगढ़ में पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में कमांडेट के पद पर तैनात थे जबकि जोधा तैनाती के आदेश की प्रतीक्षा (एपीओ) में थे. गृह विभाग के संयुक्त सचिव राजेन्द्र सिंह तंवर ने निलंबन आदेश में कहा था कि अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है और जांच के नतीजे आने तक उन्हें निलंबित किया जाता है.
12 लोगों को किया था नामजद
पुलिस सूत्रों ने बताया था कि महिला उपनिरीक्षक ने भीलवाड़ा के प्रतापनगर थाने में शनिवार को भंवर सिंह पलारा के खिलाफ रेप का मामला दर्ज करवाया. महिला उपनिरीक्षक ने एफआईआर में में 12 लोगों को नामजद किया है. अपनी शिकायत में महिला उपनिरीक्षक ने बताया कि जब वो नागौर में तैनात थी तब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय गुप्ता ने तबादले के लिए उसे पलारा से मिलने को कहा था, उसका बाद में भीलवाड़ा में स्थानांतरण हो गया था. उसने भीलवाड़ा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह पर पलारा की मदद करने का आरोप लगाया था.
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