Rajasthan: कॉटन, शिफॉन और सिल्क तो बहुत सुना, अब भांग के पौधे से बने कपड़े की धूम, सर्दी में गर्म और गर्मी में रखता है ठंडा
Jodhpur News: कपड़ा व्यवसायी राहुल ने बताया भांग के रेशे से बनने वाले कपड़े से बेडशीट, तौलिया, चटाई, पैंट-शर्ट और महिलाओं के सलवार-सूट भी बनते हैं. इन कपड़ों की कीमत 700 से 800 रुपये होती है.

Rajasthan News: आमतौर पर लोग बाजार में मिलने वाले कॉटन, शिफॉन, पॉलिएस्टर, सिल्क सहित अन्य कपड़ों का इस्तेमाल करते आए हैं, लेकिन अब फैशन की दुनिया में नई-नई वैरायटी के कपड़े देखने को मिल रहे हैं. पिछले कुछ समय से भांग के पौधे के रेशे से बने कपड़े की धूम बाजार में लगातार बढ़ती जा रही है. जैसा कि हम जानते हैं अब तक भांग का इस्तेमाल सिर्फ नशे और कुछ आयुर्वेदिक दवाओं के लिए किया जाता था, लेकिन अब आप इससे बनने वाले कपड़ों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं.
भांग के रेशे से बनने वाले कपड़े की खासियत यह है कि सर्दी में गर्म और गर्मियों में ठंडा रहता है. इससे तैयार कपड़े एंटी फंगल और एंटीबैक्टीरियल भी होते हैं. ऐसे में राजस्थान के जोधपुर के एक युवा ने भांग के रेशे से बनने वाले कपड़े के व्यवसाय की शुरुआत की है. भांग के कपड़े के व्यवसायी राहुल ने बताया कि भांग के पौधे को अलग और आकर्षक उपयोग में इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे भांग के रेशे से बनने वाले कपड़े का इस्तेमाल बढ़ने से इसकी खेती करने वाले किसानों की आय बढ़ेगी, साथ ही इसकी बाजार में मांग भी बढ़ेगी.
दूसरे देशों में भी बनते हैं भांग के रेशों से कपड़े
अब तक ऐसा प्रयोग चीन सहित अन्य देशों में होता था. उन्होंने बताया कि भांग के पौधे के डंकल से रेशे निकलते हैं. एक प्रक्रिया के जरिए इसे कच्चे धागे में बदलते हैं फिर इसे कपड़े के रूप में तैयार करते हैं. भांग के रेशे से बनने वाले कपड़े से बेडशीट, तौलिया, चटाई, पैंट-शर्ट और महिलाओं के सलवार-सूट भी बनते हैं. उन्होंने बताया कि इस कपड़े की कीमत 700 से 800 रुपये है.
क्या है इन कपड़ों की खासियत?
राहुल ने बताया कि इससे तैयार कपड़े एंटी फंगल होने की वजह से इसमें बैक्टीरिया नहीं लगता है. इस कपड़े की खासियत यह है कि इसे गर्मी में पहनने से ठंड और सर्दी में पहनने से गर्मी लगती है. यही वजह है कि चीन सहित अन्य देशों की सेना भी इसका प्रयोग करती है. अब भारत में भी फैशन के इस दौर में भांग के रेशे से बनने वाले कपड़ों की मांग लगातार बढ़ रही है. अधिकतर लोग इस भांग के रेशे से बनने वाले कपड़े को पसंद कर रहे हैं.
भांग की पत्तियों से बनती है इन बीमारियों की दवाएं
उन्होंने बताया कि भांग की पत्तियों से एंजायटी, डिप्रेशन, क्रॉनिक पेन मैनेजमेंट, कैंसर पेन और पेट की बीमारी के लिए हर्बल दवाई भी तैयार की जाती हैं. इसमें हल्का नशा होता है, हालांकि इसका इस्तेमाल आवश्यकता अनुसार ही किया जाता है. इस पौधे को मल्टीविटामिन के रूप में प्रयोग किया जाता है. इसमें काफी ज्यादा मात्रा में विटामिन होता है.
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