राजस्थान सरकार के बजट पर सचिन पायलट बोले- 'विद्यार्थियों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं'
Rajasthan News: सचिन पायलट ने राजस्थान बजट को जनता-विरोधी बताते हुए डबल इंजन सरकार पर हमला किया. उन्होंने शिक्षा, सुरक्षा, बेरोजगारी, महंगाई और कागजी घोषणाओं पर गंभीर सवाल उठाए.

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने प्रदेश की बीजेपी सरकार द्वारा कल (11 फरवरी) विधानसभा में प्रस्तुत बजट को निराशाजनक बताया. उन्होंने इसे प्रदेश की जनता पर डबल इंजन की सरकार का दोहरा कुठाराघात बताया है.
सचिन पायलट ने कहा कि पहले केन्द्रीय बजट में बीजेपी सरकार द्वारा राजस्थान की अनदेखी की गई और अब राज्य सरकार ने अपने बजट के माध्यम से किसानों, युवाओं, महिलाओं, मध्यम वर्ग की आशाओं पर पानी फेर दिया है.
राज्य सरकार को विद्यार्थियों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं- पायलट
सचिन पायलट ने कहा कि झालावाड़ की स्कूल में हुए हादसे पर संज्ञान लेते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी और सरकार हलफनामे के माध्यम से यह स्वीकार भी किया था कि प्रदेश की स्कूलों की मरम्मत के लिए 21 हजार करोड़ रुपयों की आवश्यकता है. बावजूद इसके राज्य बजट में मात्र 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाना यह बताता है कि राज्य सरकार को विद्यार्थियों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है. इस बजट के माध्यम से सरकार ने बच्चों के भविष्य को अंधेरे में ढकेलने का काम किया है.
सचिन पायलट ने कहा कि राज्य सरकार के वित्तीय कुप्रबन्धन के चलते राजस्व घाटा बढ़ा है, सरकार को कर्ज लेना पड़ेगा जिससे महंगाई बढ़ेगी. सरकार ने शब्दों के मायाजाल से अपनी दो वर्षों की नाकामी को छुपाने का काम किया है. उन्होंने कहा कि सरकार के गत् वर्षों के बजट की भांति यह बजट भी धरातल पर उतरने वाला नहीं है.
धरातल की बजाय केवल कागजों पर सीमित है बड़ी घोषणाएं- पायलट
पायलट ने कहा कि हाई टेक सिटी, आईटी सिटी और एयरो सिटी जैसी बड़ी घोषणाएं धरातल के बजाय केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं. सरकार अपने पिछले बजट की उपलब्धियों पर पूरी तरह मौन साधे हुए है. प्रदेश में बेरोजगारी की भयावह स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का चार लाख नौकरियां देने का वादा पूरा नहीं होना और निजी क्षेत्र के रोजगार आंकड़ों का सार्वजनिक न करना सरकार की विफलता को दर्शाता है. किसानों और गरीबों के मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए पायलट ने कहा कि नहरी क्षेत्रों में फार्म पौंड की सब्सिडी दो साल से बंद पड़ी है. सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी न करना प्रदेश की गरीब जनता के साथ सीधा अन्याय है.
टेक्सटाइल उद्योग पर अमेरिकी टैरिफ के संभावित संकट- पायलट
उन्होंने बजट में औद्योगिक और पर्यावरणीय दूरदर्शिता की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि टेक्सटाइल उद्योग पर अमेरिकी टैरिफ के संभावित संकट और सोलर पार्कों के नाम पर राज्यवृक्ष खेजड़ी के संरक्षण को लेकर सरकार के पास कोई ठोस नीति नहीं है. पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राइजिंग राजस्थान के निवेश की असलियत और जल जीवन मिशन के लिए केंद्र से फंड न मिलने जैसी सच्चाई को जनता से छिपाकर सरकार अपनी मंशा को संदिग्ध बना रही है.
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Source: IOCL

























