राजस्थान: पचपदरा रिफाइनरी को लेकर टीकाराम जूली ने BJP पर साधा निशाना, बोले- 85% काम हमने कराया
Rajasthan News In Hindi: राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पचपदरा रिफाइनरी के लोकार्पण से एक दिन पहले बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि इस परियोजना की नींव यूपीए के समय रखी गई थी.

पचपदरा रिफाइनरी के लोकार्पण से एक दिन पहले राजस्थान की राजनीति गरमा गई है. राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस परियोजना की नींव यूपीए सरकार के समय रखी गई थी और कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इसका करीब 80 से 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था. उन्होंने कहा कि रिफाइनरी का लोकार्पण स्वागत योग्य है, लेकिन इसका पूरा श्रेय बीजेपी नहीं ले सकती.
रिफाइनरी में बाड़मेर, जोधपुर के स्थानीय युवाओं को दिया जाए रोजगार
टीकाराम जूली ने मांग की कि रिफाइनरी में बाड़मेर, जोधपुर और पूरे मारवाड़ के स्थानीय युवाओं को रोजगार में पहली प्राथमिकता दी जाए. इसके साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नाम पर बाड़मेर में पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी स्थापित करने की मांग उठाई, ताकि प्रदेश के युवाओं को पेट्रोलियम क्षेत्र में उच्च शिक्षा और रिसर्च की बेहतर सुविधाएं मिल सकें.
जूली ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने रिफाइनरी के आसपास मजबूत औद्योगिक ढांचा विकसित करने की शुरुआत की थी. अब बीजेपी सरकार को लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, सहायक उद्योगों और रिसर्च एंड डेवलपमेंट को बढ़ावा देकर इस काम को आगे बढ़ाना चाहिए, ताकि राजस्थान को इस परियोजना का पूरा आर्थिक लाभ मिल सके.
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केंद्र सरकार ने ईआरसीपी के लिए अब तक नहीं दी कोई आर्थिक सहायता
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस रिफाइनरी की शुरुआती लागत करीब 39 हजार करोड़ रुपये थी, उसकी लागत अब बढ़कर 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गई है. उनके मुताबिक यह देरी और बढ़ी हुई लागत जनता पर अतिरिक्त बोझ है. उन्होंने दावा किया कि अगर परियोजना समय पर पूरी होती तो राजस्थान को इसका फायदा कई साल पहले ही मिलने लगता.
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री पहले भी राजस्थान आकर ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा, पेपर लीक पर रोक और हरियाणा के बराबर पेट्रोल-डीजल के दाम करने जैसे वादे कर चुके हैं, लेकिन इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने ईआरसीपी के लिए अब तक कोई आर्थिक सहायता नहीं दी और कच्चे तेल के दाम घटने के बावजूद आम लोगों को पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में राहत नहीं मिली.
























