Sirohi News: अभय राजपुरोहित हत्याकांड के विरोध में सिरोही में शक्ति प्रदर्शन, हजारों लोग हुए शामिल
Sirohi News In Hindi: अभय राजपुरोहित हत्याकांड के विरोध में सिरोह में सर्वसमाज के लोगों ने इंसाफ की मांग को लेकर विशाल न्याय यात्रा निकाली है, साथ ही 7 दिनों में कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया है.

सिरोही में अभय राजपुरोहित हत्याकांड के विरोध में जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला है, राजपुरोहित समाज के नव परगना के 95 गांवों सहित 36 कौम के हजारों लोग सड़क पर उतर आए. शहर में विशाल मौन जुलूस निकालने के बाद रामझरोखा मैदान में करीब पांच घंटे तक महापड़ाव और धरना-प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है, और चेतावनी दी है कि 7 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होती तो सिरोही में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा.
सुबह करीब 10 बजे नव परगना के 95 गांवों से समाज के लोग, ब्रह्मधाम ट्रस्ट, विभिन्न सामाजिक संगठनों तथा 36 कौम के प्रतिनिधि सिरोही शहर पहुंचे. शहर के प्रमुख मार्गों से निकले मौन जुलूस में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित हजारों लोग शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों के हाथों में "अभय को न्याय दो", "हत्यारों को फांसी दो", "बुलडोजर से घर गिराओ" और "न्याय नहीं तो आंदोलन" लिखी तख्तियां थीं.
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धरना-प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल रहा तैनात
धरना-प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा. कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोका गया. समाज के प्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों के बीच वार्ता के बाद 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को अतिरिक्त जिला कलेक्टर से मिलने की अनुमति दी गई. प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की.
अनिश्चितकालीन धरना की चेतावनी
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि सात दिन में सभी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो सिरोही में अनिश्चितकालीन महाधरना शुरू किया जाएगा और आंदोलन को पूरे राजस्थान में विस्तारित किया जाएगा. उन्होंने दोहराया कि यह संघर्ष किसी समाज के खिलाफ नहीं, बल्कि अपराधियों को सजा दिलाने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए है.
बुधवार को सिरोही जिला मुख्यालय पर आयोजित महापड़ाव के दौरान भी बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर एकत्र हुए. आरोप है कि समाज के आग्रह के बावजूद जिला कलेक्टर और एसपी ज्ञापन लेने के लिए स्वयं बाहर नहीं आए, जिससे प्रदर्शनकारियों का आक्रोश और बढ़ गया.























