पाकिस्तानी महिला 'प्रिया शर्मा' को खुफिया सूचनाएं भेजता था नौसेना का क्लर्क, पुलिस ने कोर्ट में किया बड़ा दावा
पुलिस का दावा है कि पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार नौसेना क्लर्क विशाल यादव ने टेलीग्राम के जरिए पाकिस्तानी महिला को खुफिया जानकारी भेजी. बदले में बिनेंस क्रिप्टो अकाउंट से पैसे मिले.

Jaipur Spy Case: पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार भारतीय नौसेना के अपर डिवीजन क्लर्क विशाल यादव की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. आरोपी विशाल यादव की चार दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पूरी होने के बाद कोर्ट ने उसे दो दिन और जांच एजेंसी की कस्टडी में भेजने की अनुमति दे दी है.
राजस्थान सीआईडी की ओर से जयपुर की सीजेएम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर विशाल की कस्टडी रिमांड बढ़ाने की अपील की गई थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया.
खुफिया जानकारी के बदले क्रिप्टो में लेता था भुगतान
जासूसी के आरोप में गिरफ्तार विशाल यादव अब 2 जुलाई सुबह 11 बजे तक जांच एजेंसी की हिरासत में रहेगा. जांच एजेंसी ने कोर्ट में बताया कि चार दिनों की पूछताछ में आरोपी से कई अहम जानकारियां प्राप्त हुई हैं और कई नए तथ्य सामने आए हैं, जिनकी जांच करना आवश्यक है. इसके साथ ही प्राप्त डॉक्यूमेंट्स और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों का वेरिफिकेशन भी किया जाना है.
जांच एजेंसी की तरफ से यह भी बताया गया कि आरोपी विशाल यादव सूचनाएं लीक करने के बदले क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से भुगतान लेता था. उसके बिनेंस एक्सचेंज खाते से लाखों रुपये का लेनदेन हुआ है. चूंकि नौसेना भवन में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होती, इसलिए वह दस्तावेजों को बाहर लाकर अपनी कार में जाकर मोबाइल से उनकी तस्वीर खींचता और फिर उन्हें पाकिस्तान की महिला हैंडलर को भेजता था.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी दी सूचना
बताया गया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी विशाल यादव ने नौसेना और सामरिक महत्व की महत्वपूर्ण जानकारियां पाकिस्तान को भेजीं थी. वह डॉक्यूमेंट और सूचनाएं भेजने के लिए ज्यादातर टेलीग्राम एप का इस्तेमाल करता था. इसके अलावा व्हाट्सएप के जरिए कथित हैंडलर 'प्रिया शर्मा' के संपर्क में बना रहता था. जिस नंबर से वह खुफिया जानकारियां पाकिस्तान भेजता था, वह उसके मोबाइल में प्रिया शर्मा के नाम से सेव था.
हालांकि अब तक की जांच-पड़ताल में सामने आया है कि 'प्रिया शर्मा' एक फर्जी नाम है और संबंधित मोबाइल नंबर पाकिस्तान के नेटवर्क व आईपी एड्रेस द्वारा ऑपरेट किया जा रहा था. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस फर्जी पहचान के पीछे असली व्यक्ति कौन है.
दुश्मन देश से जुड़ी थी 'प्रिया शर्मा'
सरकार की ओर से मामले की पैरवी कर रहे स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर सुदेश कुमार सत्तवान ने कहा कि जांच एजेंसियों का पूरा फोकस फिलहाल लीक की गई सूचनाओं पर है. उन्होंने बताया कि कथित ‘प्रिया शर्मा’ कोई भी हो, लेकिन यह स्पष्ट है कि वह दुश्मन देश से जुड़ी हुई है और भारत में पैसों के बदले जासूसी करवा रही थी.
सत्तवान ने कहा कि यह कम महत्वपूर्ण है कि आरोपी किसके लिए जासूसी कर रहा था, अधिक महत्वपूर्ण यह है कि वह भारतीय नौसेना, ऑपरेशन सिंदूर और सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां दुश्मन देश को पैसे लेकर सौंप रहा था. विशाल यादव ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विमानों की मूवमेंट से जुड़ी जानकारी भी पाकिस्तान की महिला हैंडलर को मुहैया कराई थी.
नई दिल्ली से गिरफ्तारी, पूछताछ में खुले कई राज
राजस्थान सीआईडी ने आरोपी विशाल यादव को 25 जून को नई दिल्ली स्थित नौसेना भवन से गिरफ्तार किया था. अगले दिन उसे जयपुर की सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया था.
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Source: IOCL






















