जयपुर: आमेर किले में गाइड मनीष की हत्या के बाद तनाव, बाजार बंद
जयपुर में गाइड मनीष सोनी की हत्या के बाद तनाव बढ़ गया है. घटना के बाद बाजार बंद कर लोग सड़क जाम कर धरने पर बैठे गए. निकाय चुनाव की वोटिंग से कुछ घंटे पहले हुई घटना ने प्रशासन की टेंशन बढ़ा दी.

राजस्थान की राजधानी जयपुर में आमेर किले के बाहर पर्यटकों को रास्ता बताने के विवाद में टूरिस्ट गाइड मनीष सैनी की चाकू मार कर हत्या किए जाने की घटना के विरोध में मंगलवार (8 सितंबर) को जमकर हंगामा हो रहा है. स्थानीय लोगों ने बाजार बंद कर रखा है और सैकड़ों की संख्या में लोग सड़क जाम कर धरने पर बैठे हुए हैं.
मृतक और आरोपियों के अलग-अलग समुदाय के होने की वजह से यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. साथ ही सांप्रदायिक रंग लेता जा रहा है. पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है. बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य की मौजूदगी में बातचीत कर कोई रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है. हालांकि अभी तक यह विवाद सुलझ नहीं सका है.
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'योगी स्टाइल' में इंसाफ की मांग
गाइड की हत्या के बाद बाजार बंद कर सड़कों पर बैठे लोग यूपी के 'योगी स्टाइल' में ऑन द स्पॉट इंसाफ किए जाने की मांग कर रहे हैं. पहली मांग आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाए जाने, दूसरी उनका एनकाउंटर किए जाने और तीसरी पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपए की आर्थिक मदद किए जाने की है.
इस मामले में आमेर पुलिस की लापरवाही भी देखने को मिली है. दरअसल जीप ड्राइवर आजम का टूरिस्ट को रास्ता बताने के विवाद में गाइड मनीष से 2 सितंबर को विवाद हुआ था. यह विवाद किले के नीचे जीप पार्किंग स्टैंड में हुआ था. जानकारी के मुताबिक इस मामले में पीड़ित मनीष ने आमेर थाने में लिखित तौर पर शिकायत भी की थी, लेकिन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई करने के बजाय मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था.
आमेर पुलिस पर लापरवाही के आरोप
आरोप यह लग रहे हैं कि अगर पुलिस ने उसे दिन इस मामले में दखल देते हुए कोई कार्रवाई की होती तो सोमवार को यह घटना ना होती. सोमवार को भी आरोपी जीप ड्राइवर आजम और गाइड मनीष आमने-सामने हो गए. दोनों के बीच कहा सुनी हुई. इस दौरान आजम ने गाइड मनीष पर चाकू से हमला कर दिया. गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तकरीबन 23 घंटे के इलाज के बाद आज मनीष की मौत हो गई.
मनीष की मौत के बाद आमेर इलाके में कोहराम मचा हुआ है. सैकड़ो की संख्या में लोग सड़क जाम कर धरने पर बैठे हुए हैं. लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. पुलिस ने कानून व्यवस्था के मद्देनजर आमेर जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर रखा है. इस वजह से आमेर का किला भी बंद है.
आमेर इलाका पुलिस छावनी में तब्दील
बीजेपी के विधायक बालमुकुंद आचार्य ने आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाए जाने का भरोसा भी दिल आया. हालांकि लोग तत्काल प्रभाव से बुलडोजर एक्शन की मांग कर रहे थे. इस वजह से कुछ लोगों ने उनका विरोध भी किया और गो-बैक के नारे लगाए. पूरा आमेर इलाका अब भी पुलिस छावनी में तब्दील है. जयपुर के ग्रामीण इलाके समेत राजस्थान के 39 जिलों में कल नगर निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान होना है. चुनाव से कुछ घंटे पहले हो रहे हमले ने प्रशासन का सिरदर्द बढ़ा दिया है.
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