Jaipur News: जयपुर पुलिस का बेरहम चेहरा, इंसाफ मांगने पर किया अपराधियों जैसा सलूक; जबरन खत्म कराया धरना
Jaipur News In Hindi: जयपुर में बेटी की संदिग्ध मौत के मामले में इंसाफ और सीबीआई जांच की मांग को लेकर बीजेपी प्रदेश कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे परिवार के साथ अपराधियों जैसा सलूक किया गया है.

राजस्थान की राजधानी जयपुर से पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं. जयपुर में बेटी की संदिग्ध मौत के मामले में इंसाफ और सीबीआई जांच की मांग को लेकर बीजेपी प्रदेश कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे परिवार को देर रात पुलिस ने जबरन हटाया. जिसकी तस्वीरें भी सामने आईं हैं, जिसमें पुलिस धरने पर बैठे लोगों को खींचते-घसीटते हुए पुलिस वाहनों में बैठाती नजर आई.
रात करीब 11 बजे जयपुर पुलिस ने बीजेपी प्रदेश कार्यालय के बाहर पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया. इसके बाद बड़ी संख्या में मौजूद पुलिसकर्मियों ने धरनास्थल को खाली कराते हुए पीड़ित परिवार के सदस्यों को जबरन उठाना शुरू कर दिया. परिवार के लोग लगातार "बचाओ-बचाओ" की गुहार लगाते रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें एक-एक कर घसीटते हुए गाड़ियों में बैठा दिया.
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पुलिस पर महिलाओं से बदसलूकी का आरोप
इतना ही नहीं पुलिस पर मौके पर मौजूद महिलाओं के साथ भी धक्का-मुक्की और बदसलूकी के आरोप लगे. महिलाएं चीखती-चिल्लाती रहीं, लेकिन पुलिस कार्रवाई जारी रही. धरने पर बैठे लोगों का आरोप है कि इंसाफ मांगने की बजाय उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया.
पत्रकारों के मोबाइल और कैमरे छीनने की कोशिश
कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद मीडिया कर्मियों को भी कवरेज करने से रोका गया. पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की किए जाने और कैमरे व मोबाइल फोन छीनने की कोशिश के भी आरोप लगे. देर रात हुई इस कार्रवाई को लेकर अब सोशल मीडिया पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं.
क्या है पूरा मामला?
जयपुर के प्रताप नगर निवासी वंशिका की 5 जून को एक अपार्टमेंट की 13वीं मंजिल से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. परिवार का दावा है कि यह आत्महत्या या हादसा नहीं, बल्कि रेप के बाद हत्या का मामला है. उनका आरोप है कि 36 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस ने न तो आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की, न पोस्टमार्टम रिपोर्ट दी और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई.
इंसाफ की मांग को लेकर धरना दे रहे थे परिजन
इसी के विरोध में शनिवार दोपहर वंशिका के माता-पिता, भाई-बहन और रिश्तेदार उसकी अस्थियों का कलश और तस्वीर लेकर बीजेपी प्रदेश कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए थे. उन्होंने ऐलान किया था कि दोषियों को सजा मिलने तक वे अस्थियों का विसर्जन नहीं करेंगे. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और डीजीपी से बातचीत के बाद भी सहमति नहीं बन सकी और देर रात पुलिस ने धरना समाप्त करा दिया.
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