आनासागर झील में रोजाना मर रहीं हजारों मछलियां, महामारी फैलने का खतरा; 23 जुलाई को अजमेर बंद
Ajmer News In Hindi: आनासागर झील में रोजाना हजारों मछलियां मर रही हैं, जिससे दुर्गंध और महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया है. कांग्रेस ने इसके विरोध में 23 जुलाई को बंद का आह्वान किया है.

अजमेर की पहचान मानी जाने वाली ऐतिहासिक आनासागर झील इन दिनों गंभीर पर्यावरणीय संकट से गुजर रही है. झील में रोजाना हजारों मछलियां मर रही हैं, जिससे पूरे इलाके में सड़ांध और दुर्गंध फैल गई है. हालात ऐसे हैं कि झील किनारे स्थित पुरानी चौपाटी और आसपास के क्षेत्रों में लोगों का कुछ देर रुकना भी मुश्किल हो गया है. लगातार हो रही मछलियों की मौत को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है.
जानकारी के मुताबिक, झील में गंदे नालों का पानी पहुंचने से ऑक्सीजन का स्तर लगातार घट रहा है, जिसके कारण बड़ी संख्या में मछलियां दम तोड़ रही हैं. मृत मछलियां पानी में ही सड़ रही हैं और इससे उठने वाली बदबू लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है. नगर निगम की टीमें रोजाना झील से मृत मछलियों को कट्टों में भरकर बाहर निकाल रही हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है.
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कांग्रेस का बीजेपी और जिला प्रशासन पर हमला
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार और जिला प्रशासन पर हमला बोला है. शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल और महिला कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मी बुन्देल ने आनासागर झील की बदहाली के लिए भाजपा नेताओं और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है. डॉ. जयपाल का कहना है कि झील में लगातार सड़ रही मछलियों से महामारी फैलने का खतरा पैदा हो गया है, लेकिन प्रशासन गंभीरता से काम नहीं कर रहा.
कांग्रेस ने 23 जुलाई को अजमेर बंद का किया ऐलान
इसी मुद्दे को लेकर शहर कांग्रेस कमेटी ने 23 जुलाई को 'अजमेर बंद' का ऐलान किया है. कांग्रेस का कहना है कि आनासागर झील की दुर्दशा, प्रशासन की लापरवाही और भाजपा सरकार की अनदेखी के विरोध में शहर बंद रखा जाएगा. पार्टी ने जिला प्रशासन, भाजपा नेताओं और जिम्मेदार मंत्रियों को झील की बदहाल स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया है.
रोजाना हजारों मछलियों की मौत और झील से उठ रही दुर्गंध अब केवल पर्यावरण का नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य का भी बड़ा मुद्दा बन गई है. ऐसे में शहरवासियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस गंभीर संकट का स्थायी समाधान कब और कैसे निकालता है.
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