जयपुर में साइबर ठगों पर बड़ा एक्शन, ऑपरेशन म्यूल हंटर में 23 आरोपी गिरफ्तार, 26 ATM कार्ड भी बरामद
Rajasthan News In Hindi: जयपुर में चलाए जा रहे 'म्यूल हंटर अभियान' के तहत साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने ठगों के एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. जिसमें कुल 23 आरोपियों को गिरफ्तार हुए हैं.

राजस्थान पुलिस ने राजधानी जयपुर में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ठगों के एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. पुलिस कमिश्नरेट के वेस्टर्न जोन में चलाए जा रहे 'म्यूल हंटर अभियान' के तहत अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई की गई, जिसमें कुल 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा 5 अन्य आरोपियों को बीएनएस की धारा 170 के तहत पकड़ा गया है.
म्यूल अकाउंट्स के जरिए रकम का चल रहा था लेन-देन
वेस्ट जोन के डीसीपी प्रशांत किरण के मुताबिक यह कार्रवाई चित्रकूट, हरमाड़ा, चौमूं, दौलतपुरा, करधनी, कालवाड़, झोटवाड़ा, करणी विहार और बगरू थाना क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर की गई. जांच में सामने आया कि ये आरोपी फर्जी बैंक खातों यानी म्यूल अकाउंट्स के जरिए साइबर ठगी की रकम का लेन-देन कर रहे थे. कई मामलों में ये लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी विज्ञापन डालकर लोगों को झांसे में लेते थे और फिर पैसे ऐंठ लेते थे.
कुछ आरोपी ऑनलाइन सट्टा ऐप्स का संचालन कर रहे थे, जहां युवाओं को लालच देकर जोड़ा जाता था. वहीं, कई मामलों में OLX और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर सामान बेचने के नाम पर ठगी की जा रही थी. पैसे लेने के बाद आरोपी या तो सामान नहीं भेजते थे या फिर मोबाइल नंबर बंद कर देते थे.
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कुछ गिरोह एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर कर रहे थे ठगी
इतना ही नहीं, कुछ गिरोह ई-मित्र एजेंसी दिलाने और एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर भी लोगों से ठगी कर रहे थे. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क में फर्जी खातों का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपए का लेन-देन किया गया. ऑपरेशन म्यूल हंटर के दौरान पुलिस का पूरा फोकस अवैध तरीके से ऑपरेट किए जा रहे बैंक खातों के जरिए ठगी करने की घटनाओं को लेकर था. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 50 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, 3 टैबलेट, 51 सिम कार्ड, 26 एटीएम कार्ड, 15 बैंक पासबुक और नकद 1 लाख 38 हजार रुपए सहित कई अहम सामान जब्त किए हैं.
दो महिनों में 212 मोबाइल फोन किए गए रिकवर
पुलिस कमिश्नरेट के वेस्टर्न जोन के डीसीपी प्रशांत किरण के मुताबिक इस साल मार्च और अप्रैल महीने के दौरान 212 मोबाइल फोन रिकवर कर उनके असली मालिकों को लौटाए गए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 40 लाख रुपए है. वहीं जनवरी से अप्रैल तक साइबर ठगी के 3 करोड़ 90 लाख रुपए आरोपियों के खातों में होल्ड कराए गए और 1 करोड़ 35 लाख रुपए पीड़ितों को वापस दिलाए गए हैं. साइबर सेल प्रभारी अनिल कुमार का कहना है कि फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी है और जांच लगातार जारी है.























