जयपुर: अलविदा जुमे पर उमड़े 1 लाख नमाजी, ईरान-इजरायल युद्ध और गैस किल्लत खत्म होने की मांगी दुआ
Jaipur Hindi News: जयपुर में अलविदा जुमे की नमाज में खाड़ी देशों के युद्ध का असर दिखा. जामा मस्जिद में भारी भीड़ उमड़ी, जहां अमेरिका-इजरायल की निंदा हुई और ईरान के लिए दुआ की गई.

पिंक सिटी जयपुर में शुक्रवार को अकीदत और एहतराम के साथ माह-ए-रमजान के अलविदा जुमे की नमाज अदा की गई. इस बार की नमाज पर खाड़ी देशों (ईरान-इजरायल-अमेरिका) में चल रहे युद्ध का सीधा असर और आक्रोश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया.
पुराने शहर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद और आसपास की तमाम मस्जिदों में नमाजियों का भारी हुजूम उमड़ा. भीड़ इतनी अधिक थी कि मस्जिद परिसर पूरी तरह भर गया और बाहर सड़क के दोनों ओर करीब एक किलोमीटर तक सफें बिछानी पड़ीं. एक अनुमान के मुताबिक, जामा मस्जिद के बाहर लगभग एक लाख लोगों ने एक साथ नमाज अदा की.
खुतबे में अमेरिका की 'दादागिरी' की निंदा
नमाज से पहले हुए खुतबे (विशेष तकरीर) में ईरान पर हो रहे हमलों का विस्तार से जिक्र किया गया. तकरीर में कहा गया कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में जान गंवाने वाले लोग 'शहादत' का दर्जा पा रहे हैं. वक्ताओं ने अमेरिका पर 'दादागिरी' करने और पूरी दुनिया को गुलाम बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उन्होंने इस दादागिरी के खिलाफ समूची दुनिया के मुसलमानों से एकजुट होने का आह्वान किया.
काले कपड़ों में शांतिपूर्ण विरोध और गैस संकट के लिए दुआ
ईरान पर हो रहे हमलों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए शिया समुदाय सहित कई लोग काले कपड़े पहनकर नमाज अदा करने पहुंचे थे. नमाज के बाद शिया समुदाय ने शांतिपूर्वक अपना विरोध भी जताया. इसके बाद हुई विशेष दुआ में दुनिया भर में अमन-चैन कायम रहने की फरियाद की गई. साथ ही, युद्ध का बुरा असर भारत पर न पड़े और देश में पैदा हुए 'रसोई गैस संकट' से जल्द निजात मिले, इसके लिए भी अल्लाह से दुआएं मांगी गईं. नमाज के बाद बातचीत में कई लोगों ने हमलों को लेकर भारी आक्रोश व्यक्त किया.
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और हाई अलर्ट
हालात की संवेदनशीलता और खुफिया एजेंसियों के अलर्ट को देखते हुए सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे. जामा मस्जिद की ओर जाने वाले रास्तों पर सुबह से ही ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया था. मस्जिद की छत और आसपास की ऊंची इमारतों पर पुलिसकर्मी तैनात थे. नमाज के शांतिपूर्ण संपन्न होने पर पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली. धर्मगुरुओं ने ऐलान किया है कि यदि 29 का चांद नजर नहीं आया, तो अगले शुक्रवार को एक बार फिर से अलविदा जुमे की नमाज अदा की जाएगी.
Source: IOCL























