राजस्थान: NEET गैस पेपर विवाद में देहरादून से एक को किया डिटेन, SOG बोली- 'सैंकड़ों छात्रों के...'
NEET Paper Controversy: एसओजी के एडीजी बंसल ने आगे कहा कि गेस पेपर के 410 सवालों में से 120 सवाल केमिस्ट्री में आए हुए बताए जा रहे हैं. पेपरलीक व अन्य तरह की बातें अभी सिर्फ भ्रांतियां हैं.

नीट के गेस पेपर विवाद में जांच एजेंसी राजस्थान एसओजी ने राज्य के सीकर जिले से कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है. सूत्रों के मुताबिक 13 लोगों को हिरासत में लिया गया है. वहीं कोचिंग संस्थानों में भी छापेमारी किए जाने की जानकारी मिली है. हालांकि एसओजी ने अभी तक हिरासत में लिए जाने की पुष्टि नहीं की है. हालांकि जांच एजेंसी अभी इसे पेपर लीक मानने को तैयार नहीं है.
वहीं इस पूरे मामले को लेकर राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के ADG विशाल बंसल ने कहा कि गेस पेपर किसने बनाया और कैसे तैयार हुआ इसकी जांच जारी है. कुछ लोगों को डिटेन कर देहरादून लिंक को भी चेक किया जा रहा है. फिलहाल लीक को लेकर नहीं कहा जा सकता कुछ भी, हमारा काम जांच करना है.
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'पेपरलीक की बातें सिर्फ भ्रांतियां'
उन्होंने कहा कि एसओजी की जांच अभी शुरुआती स्तर पर है और एसओजी गेस पेपर को लेकर कड़ी से कड़ी जोड़कर जांच कर रही है. एडीजी बंसल ने आगे कहा कि गेस पेपर के 410 सवालों में से 120 सवाल केमिस्ट्री में आए हुए बताए जा रहे हैं. पेपरलीक व अन्य तरह की बातें अभी सिर्फ भ्रांतियां हैं, ये गेस पेपर एक महीने से छात्रों के पास घूम रहा था.
'सैंकड़ों छात्रों के व्हाट्सऐप स गुजरा पेपर'
उन्होंने ये भी कहा कि गेस पेपर सैंकड़ों छात्रों के व्हॉट्सएप से गुजरा है, इसी के आधार पर जांच चल रही. इसके ओरिजिन का पता लगाना काफी कठिन काम है. एडीजी ने ये भी कहा कि अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.
'देहरादून से व्यक्ति को हिरासत में लिया'
एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि देहरादून के एक व्यक्ति से पूछताछ चल रही है, उसे हिरासत में लिया गया था. यदि यह पेपर लीक होता तो इस तरह से सर्कुलेट नहीं होता. जांच अभी बहुत ही शुरुआती स्तर पर है.
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
वैसे इस मामले पर अब सियासत भी शुरू हो गई है. कांग्रेस पार्टी ने इसे लेकर केंद्र और राजस्थान की सरकार पर निशाना साधा है. राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी स्वर्णिम चतुर्वेदी का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसकी जांच केंद्रीय एजेंसियों के जरिए निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से करानी चाहिए. बीजेपी की सरकारों को अब बड़े-बड़े दावों को छोड़कर ग्राउंड पर काम करने और युवाओं को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है.
बीजेपी ने किया पलटवार
दूसरी तरफ बीजेपी ने कांग्रेस पार्टी पर पलटवार किया है. जयपुर शहर से बीजेपी के विधायक गोपाल शर्मा का कहना है कि आज युवाओं के सपने साकार हो रहे हैं. परीक्षाओं और भर्तियों में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हो रही है. किसी ने भी सिस्टम में सेंध लगाने की कोशिश की है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है. पब्लिक सर्विस कमीशन के सदस्यों तक को जेल भेजा गया है. इस मामले में भी जांच एजेंसी निष्पक्षता के साथ अपना काम कर रही है.
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