Kirodi Lal Meena News: राजस्थान के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा विधानसभा सत्र में नहीं लेंगे भाग, क्या BJP की अंदरुनी लड़ाई है वजह?
Kirodi Lal Meena News: किरोड़ी लाल मीणा का एक बयान वायरल हो रहा है, जिसमें वे वैराग्य की बात कहते हुए कुंभ जाने की भी बात कर रहे हैं. मीणा ने हाल ही में विधानसभा सत्र से दूर रहने का फैसला लिया है.

Kirodi Lal Meena News: राजस्थान के कैबिनेट मंत्री और किरोड़ी लाल मीणा की विधानसभा के बजट सत्र से गैरहाजिरी का मुद्दा राजनीतिक तूल पकड़ रहा है. कांग्रेस ने इसे बीजेपी की अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा बताया है. दूसरी तरफ किरोड़ी लाल मीणा बुधवार (29 जनवरी) को सवाई माधोपुर में कई कार्यक्रम में शामिल हुए और पूरी तरह स्वस्थ दिखाई दिए. दरअसल, संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने विधानसभा सत्र में अनुपस्थिति को लेकर स्वास्थ्य खराब होने का हवाला दिया है.
किरोड़ी मीणा के पास कृषि और ग्रामीण विकास जैसे बड़े विभाग हैं और पिछली बार भी वे सदन से नदारद ही रहे थे. किरोड़ी लाल मीणा ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को एक पत्र लिखकर उन्हें विधानसभा बजट सत्र की कार्रवाई से गैरहाजिर रहने की छूट देने की मांग की है.
किरोड़ी लाल मीणा का बयान वायरल
इस बीच उनका एक बयान वायरल हो रहा है, जिसमें वे वैराग्य की बात कहते हुए कुंभ जाने की भी बात कर रहे हैं. मीणा के पत्र को लेकर संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि जिस मंत्री महोदय का आप जिक्र कर रहे हैं, स्पीकर महोदय को उन्होंने तबियत खराब होने का हवाल दिया है, सदन उस पर फैसला करेगा. वो वरिष्ठ हैं, सरकार में शामिल हैं.
कांग्रेस का निशाना
कांग्रेस इसे बीजेपी की अंदरूनी कलह का नतीजा बता रही है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि ये बीजेपी की अंदरुनी लड़ाई का मामला है.
क्यों नाराज हैं मंत्री?
दरअसल किरोड़ी लाल मीणा मंत्री तो बन गए, लेकिन उसके साथ ही उन्हें मिले पोर्टफोलियों या कहें की हैसियत को लेकर नाराज थे. उनकी नाराजगी साल 2021 में हुई सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को रद्द करने सहित कई और मुद्दों पर भी बरकरार है.
खफा होकर उन्होंने कुछ महीने पहले अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, हालांकि इस्तीफा आज तक स्वीकार नहीं किया गया है. हाल ही में हुए विधानसभा उप चुनावों में अपने भाई की हार की बड़ी वजह भी वे बीजेपी के कुछ वरिष्ठ नेताओं को ही मान रहे हैं.
पिछले बजट सत्र की सभी बैठकों से किरोड़ी लाल मीणा की गैरहाजिरी चर्चा का विषय बनी हुई थी. ऐसे में यह देखना होगा कि कृषि और ग्रामीण मंत्रालय जैसा बड़ा विभाग होने के बावजूद उनकी गैर मौजूदगी राजस्थान की राजनीति में आने वाले दिनों में क्या गुल खिलाती है.
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Source: IOCL


























