उधारी वापस न करनी पड़े इसलिए ममेरे भाई ने कर दी हत्या, भीलवाड़ा में दिल दहला देने वाली वारदात
Bhilwara News: भीलवाड़ा के गंगापुर में अमराराम की हत्या का खुलासा 24 घंटे में हुआ. मृतक के ममेरे भाई रोशनलाल,उसकी पत्नी और दोस्त ने मिलकर हत्या की,क्योंकि अमराराम ब्याज के पैसे के लिए दबाव बना रहा था.

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के गंगापुर सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र में हुए एक हत्या मामले का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया है. यह हत्या मृतक अमराराम (50) के ममेरे भाई ने अपनी पत्नी और एक दोस्त के साथ मिलकर की थी. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
भीलवाड़ा जिले के गंगापुर थाना पुलिस ने शुक्रवार (10 अक्टूबर) को बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रोशनलाल (39) पिता केसू बंजारा निवासी पालरा हाल गंगापुर, उसकी पत्नी प्रेमदेवी (35), और रोशन के साथी संतोष (28) पिता हरिसिंह बंजारा निवासी पालरा, गंगापुर शामिल हैं.
पुलिस के अनुसार, मृतक अमराराम ने अपने ममेरे भाई रोशन को करीब एक लाख रुपये उधार दिए थे, जिन पर ब्याज चुकाते-चुकाते रकम सात लाख तक पहुंच गई थी. लगातार पैसों की मांग और दबाव से परेशान होकर रोशन ने अपनी पत्नी और दोस्त के साथ मिलकर अमराराम की हत्या की योजना बनाई.
क्या था पूरा मामला?
गंगापुर थाना प्रभारी लीलाधर मालवीय ने बताया कि गुरुवार (9 अक्टूबर) सुबह गंगापुर–रायपुर रोड पर स्पिन फैड मिल के पास एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना मिली थी. पुलिस मौके पर पहुंची तो मृतक की पहचान अमराराम बंजारा (50) निवासी चतरपुरा थाना रायपुर के रूप में हुई. मृतक के चेहरे और सिर पर धारदार हथियार से गंभीर चोटें थीं. अमराराम के भाई ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी. परिवारजन गहनों के गायब होने और हत्या की जांच की मांग को लेकर करीब 12 घंटे तक प्रदर्शन पर बैठे रहे.
मोबाइल लोकेशन से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस ने अमराराम का मोबाइल डेटा खंगाला. अमराराम का फोन बुधवार (9 अक्टूबर) दोपहर 12:30 बजे बंद हो गया था. उसकी लास्ट लोकेशन रायपुर रोड स्थित मेहतता पेट्रोल पंप के पास पाई गई. सुरागों के आधार पर पुलिस को पता चला कि अमराराम को आखिरी बार रोशनलाल की होटल "जय मां जोगणिया" के पास देखा गया था. यहीं से शक की सुई रोशन की ओर गई. थाने में पूछताछ के दौरान रोशन ने हत्या की बात कबूल कर ली.
वारदात का तरीका
पुलिस पूछताछ में रोशन ने बताया कि 8 अक्टूबर को अमराराम उसकी होटल पर आया था. वह पैसे मांगने को लेकर बार-बार दबाव डाल रहा था. थोड़ी देर बाद जब अमराराम होटल में ही सो गया, तब रोशन ने उसके सिर और चेहरे पर धारदार हथियार से हमला कर दिया.
शव को छिपाने के लिए रोशन और उसकी पत्नी ने मिलकर लाश को बोरे में डाला और होटल के पास कचरे में छुपा दिया. बाद में दोनों ने शव को स्पिन मिल के पास एक सुनसान प्लॉट में फेंक दिया. रोशन के दोस्त संतोष ने मृतक की बाइक को एक कुएं में फेंक दिया ताकि सबूत मिट जाएं.
हत्या के बाद का नाटक
हत्या के बाद रोशन ने खुद को निर्दोष दिखाने के लिए परिवार के साथ खोजबीन में भी हिस्सा लिया. वह लाश मिलने के बाद घटनास्थल, अस्पताल और मृतक परिवार के साथ घूमता रहा, ताकि किसी को शक न हो.
ब्याज के पैसों से शुरू हुई रंजिश
पुलिस ने बताया कि अमराराम ब्याज पर पैसे उधार देने का काम करता था. चार साल पहले उसने रोशन को एक लाख रुपये दिए थे, जिन पर ब्याज जोड़कर वह सात लाख रुपये वसूल चुका था. इसके बाद भी अमराराम रुपये मांगता रहा, जिससे रोशन और उसकी पत्नी परेशान हो गए. वहीं, आरोपी संतोष ने भी अमराराम से 50 हजार रुपये उधार लिए थे, जिनके बदले वह 72 हजार रुपये चुका चुका था. दोनों आरोपी अमराराम की ब्याज वसूली से खफा थे, और इसी कारण इस हत्या की साजिश रची गई.
पुलिस कार्रवाई जारी
गंगापुर थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या, साक्ष्य मिटाने और साजिश रचने के मामलों में मुकदमा दर्ज किया है. आरोपियों से हत्या में प्रयुक्त हथियार और मृतक के गहनों की बरामदगी की जा रही है.
Source: IOCL
























