Bharatpur News: राधा रानी बृज यात्रा पहुंची कामां, 1 दिसंबर से फिर शुरू होगा साधु-संतों का आंदोलन
Rajasthan: राधा रानी ब्रज यात्रा के डीग पहुंचने पर साधु-संतो ने एसडीएम डीग और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को क्रेशर हटाने को ज्ञापन दिया. ज्ञापन में एक साधु ने आत्मदाह की चेतावनी भी दी थी.

Rajasthan News: राजस्थान के भरतपुर में एक बार फिर साधु-संत आंदोलन की राह पकड़ते नजर आ रहे हैं. 9 अक्टूबर को शुरू हुई श्री राधा रानी बृज यात्रा कामां पहुंची जहां स्थानीय निवासियों ने श्री राधा रानी ब्रज यात्रा का स्वागत किया. राधा रानी ब्रज यात्रा के डीग पहुंचने पर साधु-संतो ने एसडीएम डीग और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को क्रेशर हटाने को ज्ञापन दिया. ज्ञापन में एक साधु ने आत्मदाह की चेतावनी भी दी थी जिसके बाद जिला प्रशासन द्वारा साधुओं के साथ बैठक कर समझाइश की गई थी और राधा रानी ब्रज यात्रा डीग से आगे रवाना हो गई थी.
1 दिसंबर जुटेंगे साधु-संत
गौरतलब है कि लगभग साढ़े तीन महीने पहले भरतपुर के डीग उपखण्ड के आदि बद्री और कनकाचल पर्वत पर खनन बंद कराने को लेकर साधु-संतो द्वारा लगभग 550 दिन से धरना दिया जा रहा था. एक साधु विजयदास के आत्मदाह के बाद सरकार ने साधु संतों की मांग को मानते हुए आदिबद्री और कनक्चल पर्वत को वन क्षेत्र घोषित कर दिया था और खनन कार्य पर पूर्णतया रोक लगा दी.
अब साधुओं ने मांग की है कि जब सरकार ने आदिबद्री और कनकाचल पर्वत को वन क्षेत्र घोषित कर दिया है तो उन पहाड़ों पर स्टोन क्रेशर क्यों लगा रखे हैं. आदिबद्री और कनकाचल पर्वत पर खनन स्टोन क्रेशर होने से अवैध खनन की आशंका बनी रहेगी.
आज साधु संतों ने बृज यात्रा के कामां पहुंचने पर साधुओं ने मीटिंग कर निर्णय लिया कि आगामी एक दिसंबर को आदि बद्री धाम पर साधु-संत जुटेंगे और जरुरत पड़ी तो गांव वालों को भी इकठ्ठा कर आंदोलन किया जाएगा. अब एक बार फिर साधु-संत आंदोलन की राह पकड़ेंगे.
क्या कहना है मानमंदिर के कार्यकारी अध्यक्ष का
पर्वत संरक्षण समिति के संयोजक और मानमंदिर के अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री ने कहा कि आदिबद्री और कंकाचल पर्वत सांस्कृतिक धरोहर है. तुच्छ आजीविका के लिए सांस्कृतिक धरोहर पर्वत, सरोवर, आदि का विनाश किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बड़ा फैसला लेकर आदिबद्री और कंकाचल पर्वत को खनन मुक्त कर दिया अब इसकी सुरक्षा के लिये पर्वत से क्रेशरों को हटाना जरूरी है.


















