भरतपुर: ऐतिहासिक मोती महल का गेट गाड़ी से तोड़ा गया, रियासत कालीन झंडा लगाने पर था विवाद
Bharatpur Moti Mahal: भरतपुर में मनुदेव सिनसिनी ने कार से मोती महल का गेट तोड़ा दिया. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बावजूद वारदात हुई. आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

भरतपुर जिले में देर रात मनुदेव सिनसिनी नामक व्यक्ति ने अपनी कार से मोती महल के सदर गेट में टक्कर मारकर तोड़ दिया. घटना का लाइव वीडियो उसने अपने फेसबुक पेज पर भी साझा किया. इस वारदात के तुरंत बाद आरोपी मौके से फरार हो गया. हालांकि पुलिस ने उसे पकड़ लिया.
जानकारी के अनुसार, भ्रम और आक्रोश का यह मामला रियासतकालीन झंडे को लेकर शुरू हुआ था. पूर्व राजपरिवार के सदस्य एवं पूर्व मंत्री विश्वेन्द्र सिंह के पुत्र अनिरुद्ध सिंह ने महल से रियासतकालीन झंडा हटा दिया था. इसके बाद जाट समाज में इस कदम को लेकर नाराजगी व्याप्त हो गई. प्रशासन की सहमति के बाद महल पर तिरंगा झंडा लगाया गया, लेकिन पूर्व मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने महल पर किसी के आने की अनुमति नहीं दी.
क्या है पूरा मामला?
पुलिस प्रशासन ने शहर और महल के चारों ओर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे. महल के आसपास नाकेबंदी की गई थी और सुबह से शाम तक भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहे. घटना के बावजूद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया.
एएसपी सतीश यादव ने बताया कि महल की सुरक्षा के लिए पूरे दिन पुलिस बल तैनात था, लेकिन देर रात मनुदेव सिनसिनी और उसके तीन साथियों ने कार से गेट तोड़ दिया. पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है.
घटना पर क्या कह रहा राजपरिवार
अनिरुद्ध सिंह ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताया. उनका कहना था कि गेट तोड़ने से महल की ऐतिहासिक इमारत को गंभीर नुकसान हो सकता था. साथ ही, रात में तैनात सुरक्षा गार्ड को भी चोट पहुंच सकती थी. उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि मामले की पूरी जांच और कानूनी कार्रवाई की जाए. राजपरिवार ने इस घटना के बाद महल से सभी झंडे हटा दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके.
आगे की कार्रवाई में जुटी पुलिस
पुलिस ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए 1 STF कंपनी, 6 धौलपुर RAC बटालियन, 3 प्लाटून कंपनी 14 बटालियन, और भरतपुर, धौलपुर, डीग, सवाईमाधोपुर से लगभग 200 जवान तैनात किए हैं. इसके अलावा 1 IPS, 8 RPS, 10 इंस्पेक्टर और 10 सब-इंस्पेक्टर भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए सक्रिय रहेंगे.
इस घटना ने भरतपुर में सुरक्षा और ऐतिहासिक संपत्ति की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी.




















