अतीक अहमद का बेटा आबान सुपुर्द-ए-खाक, जेल से जनाजे में आए दोनों भाई
Aban Death News: अतीक अहमद के बेटे आबान को कसारी-मसारी कब्रिस्तान में दफ्न किया गया. जनाजे में उसके बड़े भाई मोहम्मद उमर और अली अहमद भी शामिल हुए. सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए.

प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के बेटे आबान को कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया. वहीं जेल में बंद अतीक के दो बेटे उमर अहमद और अली अहमद भी जनाजे में शामिल हुए. आबान को पिता अतीक अहमद की कब्र के बगल में दफन किया गया है. जनाजे को कंधा देते हुए उमर और अली फूट-फूट कर रोए. आबान को सुपुर्द ए खाक करने के बाद भाइयों ने परिजनों से मुलाकात की.
आबान के जनाजे के पहुंचने से पहले ही कब्रिस्तान में लोगों की भीड़ जुटने लगी थी. अतीक अहमद के चौथे नंबर के बेटे एहजम के कसारी मसारी कब्रिस्तान पहुंचने पर भीड़ उमड़ पड़ी. बड़ी मुश्किल से पुलिस के जवानों ने एहजम को कब्रिस्तान के अंदर किया. हालांकि इस दौरान तमाम लोग बैरीकेटिंग तोड़कर अंदर घुसने का प्रयास करने लगे. इसके बाद पुलिस से हल्का बल भी प्रयोग किया. पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करके लोगों को बाहर की ओर खदेड़ दिया.
कब्रिस्तान से चकिया तक कड़ा सुरक्षा घेरा
आबान के जनाजे को देखते हुए कसारी-मसारी कब्रिस्तान से लेकर अतीक अहमद के चकिया स्थित पुश्तैनी आवास तक सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात रहा. पुलिस ने रास्तों और आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी, ताकि जनाजे के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो.
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आबान के बड़े भाई अली अहमद को भी जनाजे में शामिल होने के लिए प्रयागराज लाया गया. मोहम्मद उमर लखनऊ जेल में बंद है, जबकि अली अहमद झांसी जेल में बंद है. दोनों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से कस्टडी पैरोल मिली थी. इसी के बाद दोनों अपने छोटे भाई के जनाजे में शामिल होने प्रयागराज पहुंचे.
बुआ और भाई से भी मिलेंगे
कोर्ट की अनुमति के मुताबिक दोनों भाइयों ने अपनी बुआ परवीन कुरैशी और भाई एहजम से भी मुलाकात की. इसके लिए भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. दोनों भाइयों को लेकर कोर्ट ने कुछ शर्तें भी तय की थी.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोहम्मद उमर और अली अहमद के मीडिया से बातचीत करने पर रोक लगाई है. ऐसे में जनाजे में शामिल होने के दौरान दोनों मीडिया से कोई बातचीत की परमिशन नहीं थी.
आबान को दफ्न किए जाने के बाद पुलिस दोनों भाइयों को फिर कड़ी सुरक्षा के बीच संबंधित जेलों में वापस लेकर जाएगी. पूरे घटनाक्रम के दौरान कसारी-मसारी और चकिया इलाके में पुलिस की भारी मौजूदगी बनी रही.
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