अशोक गहलोत बोले, 'अगर सचिन पायलट मेरी बात का मर्म समझ जाते तो आज हालात दूसरे होते'
Ashok Gehlot on Sachin Pilot: अशोक गहलोत सचिन पायलट से जुड़े अपने बयानों पर कायम हैं. उन्होंने कहा कि मैंने अपने दिल की बात कही थी. हर स्थिति को मीडिया के जरिए देश के सामने रखा था.

राजस्थान में पूर्व सीएम अशोक गहलोत और राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच शीत युद्ध बरकरार है. सचिन पायलट के गुरुवार (11 जून) को दिए गए के बयान के बाद अशोक गहलोत की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. अशोक गहलोत सचिन पायलट से जुड़े अपने बयानों पर कायम हैं. उन्होंने कहा, "मैंने अपने दिल की बात कही थी. हर स्थिति को मीडिया के जरिए देश के सामने रखा था."
उन्होंने कहा, "अगर सचिन पायलट भी मेरी बात का मर्म समझ जाते तो आज हालात दूसरे होते. सारा मसला खत्म हो चुका होता. मेरी बात को तमाम लोग समझ गए हैं कि मैं क्या कहना चाहता था. जो नहीं समझ रहे हैं, दरअसल वह समझना ही नहीं चाहते है. हालांकि वह भी धीरे-धीरे समझ जाएंगे."
राजस्थान में चल रही सियासी खींचतान पर क्या बोले गहलोत?
अशोक गहलोत ने राज्य में सचिन पायलट और उनके बीच चल रही खींचतान पर कहा, "हर सच्चा कांग्रेसी मेरी बात को जरूर समझेगा. देश और कांग्रेस के हित में सोचने वाले लोग मेरी बात को जरूर समझेंगे." सचिन पायलट को लेकर अशोक गहलोत ने कहा, "मैंने उनके बारे में कोई गलत बात नहीं कही थी. फिर भी अगर उन्हें कुछ दिक्कत थी, तो वह मुझसे बात कर सकते थे. मुझसे अपनी बात रख सकते थे."
उन्होंने आगे कहा, "अगर वह बात करेंगे तो मैं उन्हें जवाब दे दूंगा." अशोक गहलोत ने फिर दोहराया कि मैं कांग्रेस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना चाह रहा था, लेकिन मेरे बारे में यह प्रचारित किया गया कि मुख्यमंत्री बने रहने के लिए मैं अध्यक्ष नहीं होना चाहता. हालांकि सचिन पायलट के बेटे जैसा मानने वाले बयान पर उन्होंने सहमति जताई.
उन्होंने कहा, "यह बात पूरी तरह सच है कि मैं पायलट को बेटे की तरह मानता हूं, इसमें किसी को शक नहीं होना चाहिए. यह बात मैंने पहले कही थी और वह मुझसे बाद में कह रहे हैं, लेकिन रविवार को मैंने जो बातें कही वह बातें पूरी तरह सही थी और मैं उस पर कायम हूं. इसे लेकर तमाम लोगों के मन में गलतफहमी है. मैंने इसी वजह से मीडिया से बात करते हुए तस्वीर साफ करने की कोशिश की.
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मैंने अपने दिल की बात लोगों के सामने रखी- अशोक गहलोत
अशोक गहलोत ने जयपुर मे मीडिया से बात करते हुए कहा, "रविवार के बयान में मैंने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया था. 2020 में जो घटना हुई, वह मैं देश के सामने रखना चाहता था. मेरे बारे में यह परसेप्शन तैयार कर दिया गया था कि मुख्यमंत्री बने रहने के लिए मैं कांग्रेस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बना था. मैं इस बारे में सफाई देते-देते थक चुका हूं. इसलिए मैंने इस बारे में अपने दिल की बात लोगों के सामने रखी थी."
उन्होंने आगे कहा, "यह गलत बात है कि मुख्यमंत्री बने रहने के लिए मैंने बगावत की थी. मैं खुद भी राष्ट्रीय अध्यक्ष होना चाहता था. पार्टी के अंदर मेरे खिलाफ माहौल बना दिया गया था." सचिन पायलट का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सभी को कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने की जरूरत है. सभी को एकजुट होकर पार्टी के लिए काम करना ही होगा. लोकतंत्र को बचाने के लिए सभी को एकजुट होना होगा.
मुझे लगा था यह मुद्दा अब खत्म हो जाएगा- अशोक गहलोत
अशोक गहलोत के मुताबिक रविवार के बयान के बाद मुझे लगा था कि यह मुद्दा अब खत्म हो जाएगा. मैं आज भी कह रहा हूं कि भूलने और माफ करने की नीति पर काम करना होगा. जिन्होंने गलत किया है वह माफी मांग ले और बाकी लोग पुरानी बातों को भूल जाएं. यही सबके लिए अच्छा होगा और कांग्रेस पार्टी के हित में होगा. फॉरगिव और फॉरगेट को याद रखना ही होगा. यानी माफ करो और भूल जाओ.
अशोक गहलोत ने आज मीडिया से बात करते हुए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किए जाने और संजय राउत द्वारा कांग्रेस छोड़कर दूसरी पार्टियां बनाने वालों से कांग्रेस में घर वापसी करने की सलाह पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने मीनाक्षी नटराजन के मुद्दे पर कहा कि बीजेपी लोकतंत्र का गला घोंटने लगी हुई है.
संजय राउत के बयान को सही बताते हुए उन्होंने इसका समर्थन किया है. उन्होंने यह भी कहा कि सभी विपक्षी पार्टियों को अब राहुल गांधी को अपना नेता मान लेना चाहिए और एकजुट होकर काम करना चाहिए. तृणमूल कांग्रेस में मची भगदड़ पर उन्होंने कहा कि लोग डर की वजह से ऐसा कर रहे हैं.


























