जोधपुर: मासूम बच्चे की मौत मामले में अशोक गहलोत ने सरकार को घेरा, लगाया ये बड़ा आरोप
Jodhpur News: जोधपुर पहुंचकर अशोक गहलोत ने राज्य सरकार पर सड़क हादसे को लेकर लापरवाही का आरोप लगाया. उन्होंने 'वन नेशन-वन इलेक्शन' और चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा.

जोधपुर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर पहुंचते ही प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला. हाल ही में हुए सड़क हादसे को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. पूर्व सीएम गहलोत, वन नेशन-वन इलेक्शन और चुनाव आयोग पर निशाना साधा.
गहलोत ने कहा कि इतने बड़े राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान हुई दुर्घटना सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासन की लापरवाही को दर्शाती है. उन्होंने याद दिलाया कि उनकी सरकार ने हेलमेट और सीट बेल्ट अनिवार्य करने जैसे कदम उठाए थे, जिससे सड़क हादसों में कमी आई थी. लेकिन वर्तमान सरकार की नीतियों और ढिलाई से हालात बिगड़े हैं.
आज दिल्ली से जोधपुर पहुंचकर राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने जाते समय सड़क हादसे में असमय अपनी जान गंवाने वाले बालक लोकेन्द्र के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की एवं शोकाकुल परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दे। pic.twitter.com/gq88z73ULa
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) August 20, 2025
'रोका जा सकता था हादसा'
उन्होंने सवाल किया कि जब वीवीआईपी मूवमेंट चल रहा था तब चार बच्चे कार्यक्रम स्थल तक कैसे पहुंच गए? यह यातायात और सुरक्षा व्यवस्था की नाकामी है. अगर मौके पर कई अधिकारी मौजूद होता तो हादसा रोका जा सकता था.
'सरकार की उदासीनता का है प्रमाण'
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सलाह दी कि वे अपने सलाहकार बदलें और संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतकों के परिजनों से मिलें. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मार्ग बदलकर चले गए, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. गहलोत ने कहा कि जोधपुर हमेशा से संस्कारी और शांतिप्रिय शहर रहा है, लेकिन पहली बार राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के खिलाफ नारे लगे. यह जनता के आक्रोश और सरकार की उदासीनता का प्रमाण है.
उन्होंने आरोप लगाया कि अव्यवस्था और पानी की कमी के कारण लगभग 10 बच्चे घायल हुए, लेकिन उनकी कुशलक्षेम पूछने न तो कोई अधिकारी और न ही मुख्यमंत्री अस्पताल पहुंचे. यह सरकार और प्रशासन की असंवेदनशीलता का बड़ा उदाहरण है.
वन नेशन-वन इलेक्शन और चुनाव आयोग पर साधा निशाना
गहलोत ने कहा, “वन नेशन-वन इलेक्शन के मामले में सरकार हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गई है. यदि हाईकोर्ट ने आदेश दिया है तो अविलम्ब चुनाव की घोषणा करनी चाहिए.” वोट चोरी के आरोप पर उन्होंने कहा कि यह अब गांव-गांव तक चर्चा का विषय बन चुका है. उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी लगातार यह कहते रहे हैं कि आज टेक्नोलॉजी का जमाना है और पारदर्शिता जरूरी है. इलेक्शन कमीशन पर सवाल उठाते हुए गहलोत ने कहा कि चुनाव आयोग का व्यवहार ठीक नहीं है. जिस पर लोगों में गहरी नाराजगी है.
इस मौके पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें पूर्व राज्यमंत्री राजेंद्र सोलंकी, जसवंत सिंह कच्छवाह, पूर्व मंत्री संगीता बेनीवाल, पूर्व विधायक मनीषा परिवार, नगर निगम उत्तर महापौर कुंती देवड़ा, जोधपुर दक्षिण अध्यक्ष नरेश जोशी, शहर उत्तर अध्यक्ष सलीम खान, सूरसागर प्रत्याशी साजिद खान, अजीत सिंह राठौड़, हीराराम मेघवाल, नेता प्रतिपक्ष गणपत सिंह चौहान, ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा, अधिवक्ता करण सिंह राजपुरोहित, एनएसयूआई अध्यक्ष बबलू सोलंकी और पुखराज देवरिया सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे.
Source: IOCL






















