अशोक गहलोत ने सीएम भजनलाल शर्मा को बताया मुन्नाभाई MBBS, कहा- '...तो मैं खुद उन्हें माला पहनाऊंगा'
राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भजनलाल शर्मा पर निशाना साधने वाला वीडियो खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है. इसपर अलग अलग प्रतिक्रियाएं मिल रही है.

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के नेता अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर ऐसा बयान दिया है जिसपर हंगामा खड़ा हो सकता है. उन्होंने 28 जुलाई को सीएम की तरफ इशारा करते हुए सीकर में कहा कि अगर मुन्ना भाई यमुना का पानी ले आए तो मैं खुद उन्हें माला पहनाऊंगा.
उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा, ''मुख्यमंत्री जी अगर यमुना का पानी आप ले आओगे नीम का थाना में भी, उस दिन मैं आपको आकर खुद माला पहनाऊंगा, आप लगे रहो, लगे रहो मुन्नाभाई की तरह, लगे रहो मुन्नाभाई एमबीबीएस की तरह.''
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
मौजूदा मुख्यमंत्री को मुन्नाभाई एमबीबीएस कहे जाने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने अपने इस वीडियो को खुद भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है. इस वीडियो को लेकर लोग अलग-अलग तरह से चर्चा कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री जी अगर यमुना का पानी आप ले आओगे नीम का थाना में भी, उस दिन मैं आपको आ के खुद माला पहनाऊंगा, आप लगे रहो, लगे रहो मुन्नाभाई की तरह लगे रहो मुन्नाभाई एमबीबीएस की तरह मैं कह रहा हूं कि भजनलाल जी आप भजन करते हो अच्छी बात है ,आपको मंदिर जाना अच्छा लगता है हमें भी अच्छा लगता… pic.twitter.com/qJqmcLqNcO
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) July 29, 2025
अशोक गहलोत ने कहा, ''मैं कह रहा हूं कि भजनलाल जी आप भजन करते हो अच्छी बात है, आपको मंदिर जाना अच्छा लगता है, हमें भी अच्छा लगता है, पर आप भजन करने के साथ में संकल्प कर लो कि मैं पानी लेके आऊंगा यमुना का. तब जाके मैं मानूंगा, पानी लाओगे, मैं आऊंगा मुख्यमंत्री निवास पर आपको माला पहनाऊंगा.''
सीएम से अशोक गहलोत ने की बड़ी अपील
SSB के जवान दाताराम की मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में अशोक गहलोत ने कहा कि अब ये दाताराम दौड़ लगा रहे थे और ये सेना में भर्ती हो गए थे, दौड़ लगा रहे थे जैसा मुझे बताया गया है, तो इनको जो प्रॉपर शहीद का दर्जा मिलना चाहिए जिससे इनको पैकेज मिलता वो मैंने सुना है कि नहीं मिला है.
उन्होंने कहा, ''अभी मैं चाहूंगा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को कि वो एग्जामिन कराएं केस को के कितने लोग दौड़ते हुए शहीद होते होंगे, सेना में भर्ती हो गया है एक प्रकार से उसके बाद तो वो देश की प्रॉपर्टी है संपत्ति देश की है देश के लिए वो जान कुर्बान करने के लिए हमेशा तत्पर हैं तो ऐसे मामले में बहुत बड़ी सहानुभूति की जरूरत होती है संवेदनशीलता की जरूरत होती है. मैं चाहूंगा कि राजस्थान सरकार देखें इस केस को और मुख्यमंत्री अपने स्तर पर देखकर के निर्णय करे जिससे परिवार को पैकेज मिल सके.''























