आनासागर झील की दुर्दशा को लेकर सड़कों पर उतरी कांग्रेस, अजमेर में दिखा बंद का असर, बाजारों में सन्नाटा
Ajmer News In Hindi: आनासागर झील की बदहाल स्थिति के विरोध में कांग्रेस के अजमेर बंद का जबरदस्त असर दिखा. बैंक, पेट्रोल पंप बंद रहे. बाजारों में सन्नाटा दिखा. कांग्रेस ने प्रशासन को चेतावनी दी है.

अजमेर की आनासागर झील की बदहाल स्थिति, लगातार फैल रही दुर्गंध और मछलियों की मौत के विरोध में कांग्रेस पार्टी द्वारा बुलाए गए अजमेर बंद का शहर पर जबरदस्त असर देखने को मिला. सुबह से ही कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और उन्होंने बाजारों, बैंक, पेट्रोल पंपों को बंद कराने में सफलता हासिल की.
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर संचालन बंद करवा दिया. कई जगहों पर कर्मचारियों से तीखी बहस भी हुई. साथ ही कई बैंक शाखाओं को भी जबरन बंद कराया गया. शहर के प्रमुख बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और ज्यादातर दुकानें बंद रहीं. ज्यादातर प्राइवेट स्कूलों ने पहले से ही छुट्टी घोषित कर दी थी.
रिक्शा-ऑटो से उतारी सवारियां, जनता परेशान
बंद को सफल बनाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रिक्शों और ऑटो में बैठी सवारियों को भी बीच रास्ते से उतार दिया, जिससे आम यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. कार्यकर्ता शहर भर में घूम-घूमकर दुकानदारों से बंद का समर्थन मांगते नजर आए.
झील में सैकड़ों मछलियां मर रही हैं, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आनासागर झील की लगातार बिगड़ती स्थिति और उसमें फैली गंदगी के बावजूद प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है. झील में रोजाना सैकड़ों मछलियां मर रही हैं, जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों को खतरा पैदा हो गया है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर झील की सफाई और संरक्षण के लिए जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
...तो भविष्य में और बड़े आंदोलन होंगे
शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई थी, हालांकि बंद शांतिपूर्ण तरीके से चला. कांग्रेस का कहना है कि यह बंद केवल एक चेतावनी है. यदि प्रशासन ने आनासागर झील को बचाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए तो भविष्य में और बड़े आंदोलन किए जाएंगे.
बता दें कि आनासागर झील अजमेर की पहचान है, लेकिन पिछले कई वर्षों से इसकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है. गंदगी, सीवेज का पानी और रखरखाव की कमी ने झील को कूड़ेदान बना दिया है. स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को इससे परेशानी हो रही है.
वरमाला की रस्म, अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे... जोधपुर की जेल में गूंजी शहनाई
























