कांवड़ यात्रा में पहुंचे नितेश राणे, बोले- 'मैं मुंब्रा में दाखिल...'
Nitish Rane News: ठाणे के मुंब्रा में कांवड़ यात्रा के बीच मंत्री नितेश राणे पहुंचे. विरोध के बावजूद शामिल हुए और हिंदुत्व को लेकर बयान दिया, जिसके बाद यात्रा राजनीतिक चर्चा में आ गई.

महाराष्ट्र के ठाणे स्थित मुंब्रा में रविवार को निकाली गई कांवड़ यात्रा के बीच मंत्री नितेश राणे की एंट्री से सियासी हलचल तेज हो गई. मुंब्रेश्वर देवी मंदिर और विश्व हिंदू परिषद की ओर से आयोजित इस कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए. इसी दौरान नितेश राणे मुंब्रा पहुंचे और शिवभक्तों से मुलाकात की.
मुंब्रेश्वर मंदिर की गौशाला से शुरू हुई यह कांवड़ यात्रा करीब 10 किलोमीटर की दूरी तय कर खिरकेलेश्वर मंदिर पहुंचेगी. यहां कांवड़िए भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे. यात्रा के दौरान शिवभक्त हर-हर महादेव के जयकारे लगाते नजर आए. कांवड़ यात्रा पिछले करीब आठ वर्षों से आयोजित की जा रही है.
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नितेश राणे के दौरे को लेकर हुआ था विरोध
नितेश राणे के मुंब्रा पहुंचने को लेकर पहले ही विवाद खड़ा हो गया था. AIMIM नगरसेवक और जिलाध्यक्ष सैफ पठाण ने मुंब्रा पुलिस को पत्र देकर उनके दौरे पर रोक लगाने की मांग की थी. उन्होंने आशंका जताई थी कि नितेश राणे के आने से इलाके के भाईचारे और सौहार्दपूर्ण माहौल पर असर पड़ सकता है. हालांकि विरोध के बावजूद नितेश राणे कांवड़ यात्रा में पहुंचे.
राणे ने हिंदुत्व को लेकर दिया बयान
मुंब्रा में शिवभक्तों को संबोधित करते हुए नितेश राणे ने कहा, “मैं मुंब्रा में दाखिल हो गया हूं.” उन्होंने मुंब्रा का नाम बदलकर “मुंब्रा देवी” कहने की अपील की. राणे ने कहा कि यह हिंदू राष्ट्र है और हिंदू समाज को डरने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि मुंब्रा देवी का क्षेत्र पहले भी भगवा था, आज भी भगवा है और आगे भी भगवा रहेगा. उन्होंने शिवभक्तों से कहा कि किसी के डर से पीछे हटने की जरूरत नहीं है. हिंदुत्व विचारों वाली सरकार होने का दावा करते हुए उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि कोई भी उन्हें डराने की कोशिश करेगा तो वह उनके साथ खड़े रहेंगे.
कांवड़ यात्रा बनी राजनीतिक चर्चा का केंद्र
मुंब्रा कांवड़ यात्रा में नितेश राणे की मौजूदगी और उनके बयानों के बाद यह धार्मिक आयोजन राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है. एक ओर जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ लेकर भगवान शिव की भक्ति में शामिल हुए, वहीं दूसरी ओर राणे के बयान को लेकर सियासी प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है. प्रशासन भी पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क रहा.
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