CJP के 2 अक्टूबर आंदोलन के बाद मुंबई में एक और मोर्चा, ठाकरे बंधुओं ने किया ऐलान
महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) और मनसे ने 4 अक्टूबर को एक मोर्चे का ऐलान किया है. यह मोर्चा चुनाव आयोग के खिलाफ होगा.

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने 2 अक्टूबर से आंदोलन का ऐलान किया है. सीजेपी के इस आंदोलन के बीच शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) चीफ राज ठाकरे ने बड़ी घोषणा की है. दोनों नेताओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस राज ठाकरे के मुंबई स्थित निवास 'शिवतीर्थ' पर हुई, जिसमें चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों और 4 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन की जानकारी दी गई.
दोनों ने चार अक्टूबर को एक और मोर्चे का ऐलान किया है. दोनों की साझा प्रेस वार्ता में कहा गया कि 4 अक्टूबर को सुबह 10 बजे भायखला से मोर्चा शुरू होगा और बीएमसी के सामने पहुंचेगा.
उद्धव ठाकरे ने कहा कि 2 अक्टूबर को सीजेपी की ओर से होने वाले आंदोलन को उनका पूरा समर्थन है. उन्होंने कहा कि इससे पहले जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन को भी उन्होंने समर्थन दिया था. उद्धव ठाकरे ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया गठबंधन की बैठक 30 सितंबर को होगी, जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी.
राज ठाकरे ने कहा कि यह अब तक हुए अपमान का विषय है. उनके मुताबिक मतदाताओं के मत का अपमान हुआ है और इसी मुद्दे को लेकर आंदोलन किया जा रहा है.
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इससे पहले शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि एसआईआर के खिलाफ होने वाले आंदोलन में सभी पार्टियों को शामिल होने का निमंत्रण दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भ्रष्ट चुनाव अधिकारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पहला यलगार मुंबई से होगा और पहला मोर्चा राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में निकलेगा.
राउत ने बताया मोर्चे का प्लान
संजय राउत ने बताया कि 4 अक्टूबर को सुबह 10 बजे भायखला से मोर्चा शुरू होगा और बीएमसी के सामने पहुंचेगा. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और ईवीएम को लेकर पहले भी कई बार बात हो चुकी है, लेकिन 4 अक्टूबर को इस मुद्दे पर विस्तार से बात की जाएगी. मोर्चे के बाद आगे की भूमिका तय की जाएगी. उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को फोन कर मोर्चे में शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा और सत्ता पक्ष के लोग भी चाहें तो इसमें शामिल हो सकते हैं.
राउत ने कहा कि इस मोर्चे में किसी राजनीतिक पार्टी का झंडा नहीं होगा, बल्कि सभी के हाथ में सिर्फ तिरंगा होगा. यह किसी राजनीतिक पार्टी का मोर्चा नहीं, बल्कि देश के संविधान को बचाने के लिए निकाला जा रहा मोर्चा है. उन्होंने कहा कि इसमें कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है और सभी अपने-अपने स्तर पर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं. चुनाव आयोग के खिलाफ बोलने पर बीजेपी को आपत्ति क्यों हो रही है, इस सवाल पर राउत ने कहा, 'चोर की दाढ़ी में तिनका.'





















