अजित पवार के साथ जान गंवाने वाले विदिप जाधव के घर पहुंचीं डिप्टी CM सुनेत्रा पवार, कहा- 'किसी भी मुश्किल में...'
Sunetra Pawar News: उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने विदीप जाधव के परिवार से मिलकर सांत्वना व्यक्त की. सुनेत्रा अजित पवार ने जाधव परिवार को ढांढस बंधाया.

महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित दादा पवार के सुरक्षा रक्षक विदिप जाधव का बारामती में हुए विमान हादसे में दुर्भाग्यपूर्ण निधन हो गया था. इस दुखद घटना के बाद उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने अपना व्यक्तिगत दुःख एक ओर रखते हुए तरडगांव स्थित विदिप जाधव के निवास पर जाकर उनके परिवार से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी.
इस बीच सुनेत्रा पवार ने स्वर्गीय विदिप जाधव की पत्नी और बच्चों के सिर पर स्नेहपूर्वक हाथ रखते हुए भरोसा दिलाया. इस दौरान सुनेत्रा पवार ने कहा कि किसी भी परेशानी में मैं आपके साथ हूं.
सुनेत्रा पवार ने परिवार को बांधा ढांढस
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा ने विदिप जाधव के परिवार को ढांढस बांधा. इस भावुक क्षण ने वहां उपस्थित सभी लोगों की आंखें नम कर दीं. कर्तव्य निभाते हुए भी अत्यंत संयम और ममता के साथ जाधव परिवार का दुःख कम करने का प्रयास करते हुए उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने एक संवेदनशील महिला होने का आदर्श प्रस्तुत किया.
विदिप जाधव की मौत से सदमे में परिवार
बारामती प्लेन क्रैश में सतारा के रहने वाले अजित पवार के पीएसओ विदिप जाधव की मृत्यु से उनका परिवार भी टूट चुका है. परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे अपने दुख को शब्दों में बयां नहीं कर सकते हैं. उनके जाने के बाद हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती एक परिवार के तौर पर साथ रहना है.
विदिप जाधव भी उस विमान में सवार थे, जो बुधवार को बारामती में क्रैश हुआ, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का भी निधन हुआ. उनका सतारा के फलटण में बुधवार की रात को अंतिम संस्कार किया गया.
परिवार के सदस्य ने दी यह जानकारी
परिवार के सदस्य गणेश जाधव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि विदिप जाधव साल 2019 से उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पीएसओ थे. 2016 से 2019 तक वे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के भी पीएसओ रहे. महाराष्ट्र का कोई जिला या क्षेत्र ऐसा नहीं था, जो उन्हें न पहचानता हो.
उन्होंने कहा, विदिप की सबसे बड़ी खूबी यह थी कि वह हमारे पूरे परिवार को एक साथ रखते थे और सबका ख्याल रखते थे. बुधवार को उनके अंतिम संस्कार के दौरान हमने सच में उनके जाने का दुख महसूस किया. जब वह हमें छोड़कर चले गए, तो ऐसा लगा जैसे हमारे पूरे परिवार का सहारा चला गया हो.























