NCP-SP के बाद अब शिवसेना UBT का भी परिसीमन बिल पर मन बदला? उद्धव ठाकरे के करीबी के बयान से मिले संकेत
परिसीमन विधेयक में लोकसभा की सीट संख्या बढ़ाकर 850 करने और परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव है. अब एनसीपी एसपी के बाद शिवसेना यूबीटी की ओर से अहम प्रतिक्रिया आई है.

शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उबाठा) के सांसद संजय राउत ने बृहस्पतिवार को कहा कि विपक्षी दल प्रस्तावित परिसीमन विधेयक का विरोध करेंगे लेकिन अगर सरकार उनकी ओर से सुझाए गए संशोधनों को इसमें शामिल करती है तो वे इस मुद्दे पर बैठकर दोबारा विचार करेंगे.
राउत, अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के विरोध में शनिवार से शुरू होने वाले शिवसेना (उबाठा) के ‘राम रक्षा आंदोलन’ से पहले नागपुर में संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP)-शरदचंद्र पवार (शप) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने बुधवार को कहा था कि अगर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के प्रमुख विधायी एजेंडे में शामिल परिसीमन विधेयक सभी राज्यों में लोकसभा सीट में समान रूप से 50 प्रतिशत वृद्धि के आधार पर तैयार किया जाता है, तो उसका विरोध करने का कोई खास कारण नहीं होगा.
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उन्होंने हालांकि यह भी स्पष्ट किया था कि ऐसे किसी प्रस्ताव का समर्थन करने या न करने का फैसला विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के भीतर चर्चा के बाद ही किया जाएगा.
'हम सभी बैठकर इस पर चर्चा करेंगे और...'
सरकार की मंशा संसद के 20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पेश करने की है. इस विधेयक में लोकसभा की सीट संख्या बढ़ाकर 850 करने और परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव है.
राउत ने सुप्रिया सुले की टिप्पणी पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि अभी यह तय नहीं है कि यह विधेयक इसी सत्र में पेश होगा या नहीं. उन्होंने कहा, 'जब यह विधेयक आएगा, तब हम सभी बैठकर इस पर चर्चा करेंगे और आगे क्या करना है, इस बारे में सामूहिक निर्णय लिया जाएगा.'
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राउत ने कहा, 'लेकिन आज जिस तरह की खबरें फैलाई जा रही हैं कि पार्टी (NCP-शप) में टूट होगी, उसके विधायक और सांसदों को तोड़कर बहुमत दिखाया जाएगा या ऐसी अन्य बातें होंगी, उनका कोई आधार नहीं है.'
राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा कि विपक्ष प्रस्तावित परिसीमन विधेयक का विरोध करेगा हालांकि, अगर सरकार विपक्ष द्वारा सुझाए गए आवश्यक संशोधनों को इसमें शामिल करती है, तो विपक्ष इस पर दोबारा विचार कर सकता है.


















