क्या इंडिया गठबंधन की बैठक में जाएंगे उद्धव ठाकरे? शिवसेना यूबीटी ने लिया बड़ा फैसला
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की नजदीकियां पिछले कुछ समय में बढ़ी है. ऐसे में सवाल था कि क्या वो विपक्षी दलों के गठबंधन में रहेंगे? इन अटकलों के बीच उद्धव ठाकरे इंडिया गठबंधन के बैठक में शामिल होंगे.

संसद के मानसून सत्र से पहले विपक्षी दल केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति बनाने में जुटे हैं. कांग्रेस ने 19 जुलाई को INDIA गठबंधन की अहम बैठक बुलाई है, जिसकी अगुवाई सोनिया गांधी करेंगी. इस बैठक का उद्देश्य विपक्ष की एकता दिखाना और सरकार के खिलाफ साझा रणनीति बनाना है. इस महत्त्वपूर्ण बैठक में शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे भी शामिल होंगे.
लोकसभा चुनाव के बाद INDIA गठबंधन की यह पहली बड़ी बैठक है. राष्ट्रीय मुद्दों को एकजुट होकर उठाने के लिए इस बैठक को जरूरी मानते हुए उद्धव ठाकरे दिल्ली पहुंचेंगे और कांग्रेस सहित अन्य घटक दलों के नेताओं से मुलाकात करेंगे.
कांग्रेस की कोशिश — सभी विपक्षी दलों को एक मंच पर लाना
कांग्रेस बैठक में सभी विपक्षी दलों को साथ लाने की कोशिश में जुटी है. साझा मुद्दों पर सहमति बनाकर संसद में सरकार से जवाब मांगने की योजना है. हालांकि, दिल्ली चुनाव के बाद कांग्रेस और आप (आम आदमी पार्टी) के बीच बढ़ती दूरी के कारण ‘आप’ का इस बैठक से दूर रहना तय माना जा रहा है.
मानसून सत्र से पहले विपक्ष का आक्रामक रुख
संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हो रहा है. उससे पहले विपक्ष सरकार को घेरने के लिए एकजुट होना चाहता है. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस पहले ही सवाल उठा चुकी है और अब मानसून सत्र में भी यह मुद्दा उठने के संकेत हैं.
बैठक का एजेंडा — साझा रणनीति और राष्ट्रीय मुद्दे
19 जुलाई को होने वाली इस बैठक में विपक्ष की रणनीति पर चर्चा होगी. सरकार को जवाबदेह बनाने, राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा होगी. सोनिया गांधी की उपस्थिति विपक्ष में एकजुटता का संदेश देगी. कांग्रेस चाहती है कि मानसून सत्र से पहले विपक्ष का साझा एजेंडा तय हो ताकि सरकार को संसद में घेरे जाने में आसानी हो.
सिर्फ नारेबाजी या प्रदर्शन से कोई फायदा नहीं होगा — इसलिए कांग्रेस मुद्दों का चयन सावधानी से कर रही है और संभावित मतभेदों को पहले से ही सुलझाने की कोशिश में लगी है. जिन मुद्दों पर विपक्ष सरकार से जवाब मांगेगा सूत्रों के अनुसार, विपक्ष जिन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगा, वे हैं —
ऑपरेशन सिंदूर
डोनाल्ड ट्रंप के कथित दावों में प्रधानमंत्री मोदी का जिक्र इसके अलावा, कांग्रेस की संसदीय रणनीति समिति की बैठक में और भी मुद्दे तय किए गए हैं. हालांकि कांग्रेस का कहना है कि वह किसी पर अपनी बात थोपना नहीं चाहती और साथी दलों के सुझावों को शामिल करने को तैयार है.
‘आप’ रहेगी बैठक से दूर
दिल्ली चुनाव के बाद कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में दूरी इतनी बढ़ चुकी है कि अब दोनों एक साथ मंच साझा करना नहीं चाहते. सूत्रों के मुताबिक, न तो कांग्रेस आम आदमी पार्टी को इस बैठक का औपचारिक निमंत्रण देना चाहती है और न ही ‘आप’ कांग्रेस के नेतृत्व वाले किसी मंच का हिस्सा बनना चाहती है. इस दूरी की वजह आपसी अविश्वास और अलग-अलग चुनावी रणनीति मानी जा रही है.
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Source: IOCL






















