'देवेंद्र फडणवीस को क्या अधिकार है?' NCP विलय की चर्चा के बीच सीएम पर भड़के शरद पवार
Sharad Pawar: शरद पवार ने एनसीपी के विलय की चर्चा पर देवेंद्र फडणवीस की टिप्पणी को खारिज किया, कहा कि वे इस बातचीत का हिस्सा नहीं थे. उन्होंने 58 वर्षों से सदन में अपनी उपस्थिति का उल्लेख किया.

महाराष्ट्र की सियासत में फिलहाल बड़े बदलाव हो रहे हैं. उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) चीफ अजित पवार की मौत के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी संभाली. साथ ही पार्टी अध्यक्ष भी सुनेत्रा ही बन सकती हैं. इस बीच बड़ी चर्चा थी कि चाचा शरद पवार की पार्टी के साथ एनसीपी का विलय होगा, जिसपर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई.
अब इसपर खुद शरद पवार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. दरअसल, एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए एनसीपी-एसपी चीफ शरद पवार ने अपने भतीजे अजित पवार की मौत, उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार द्वारा डिप्टी सीएम का पद ग्रहण करना, महाराष्ट्र के आगामी चुनाव और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जैसे बड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी है.
'देवेंद्र फडणवीस को क्या अधिकार है?'- शरद पवार
एनसीपी मर्जर की चर्चा पर देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया पर कहा, "देवेंद्र फडणवीस को मेरा नाम लेने का क्या अधिकार है? मैं इस चर्चा का हिस्सा ही नहीं था." शरद पवार ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर जयंत पाटील और अजित पवार के बीच बातचीत चल रही थी. इसमें किसी भी तरह की राजनीतिक बातचीत नहीं हुई."
वहीं, शरद पवार ने आगे कहा कि वे पिछले 58 वर्षों से महाराष्ट्र विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा से जुड़े रहे हैं और इन 58 वर्षों में वे कभी भी सदन से अनुपस्थित नहीं रहे. उन्होंने कहा कि वे हमेशा सदन में जाकर बजट सुनते रहे हैं, लेकिन हाल में घटी एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारण इस बार वे सदन में नहीं जा सके. हालांकि, इस दौरान कुछ संतोषजनक फैसले जरूर लिए गए.
सुनेत्रा पवार पर क्या बोले चाचा शरद पवार?
सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री पर शरद पवार ने खुशी जताई और कहा कि उन्हें एक नया अवसर मिला है. वह इस पद की जिम्मेदारियां संभालते हुए खुद को साबित करेंगी.
वहीं जब शरद पवार से यह सवाल किया गया कि 'लाडकी बहिण योजना' का नाम अजित पवार के नाम पर हो, एनसीपी की इस डिमांड पर वह क्या कहेंगे? तो जवाब में शरद पवार ने कहा कि यह सवाल तो सरकार से पूछा जाना चाहिए कि वे आगे क्या करना चाहते हैं? वहीं, अजित पवार के स्मारक के मुद्दे पर भी शरद पवार ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है न ही इस संबंध में किसी संस्था या स्थान को लेकर चर्चा हुई है. उन्होंने कहा कि इस विषय पर सभी को एक साथ बैठकर निर्णय लेना होगा.
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Source: IOCL

























