रिक्शा चालक का बेटा 17वें प्रयास में सेना में चयनित, दोस्त ने कंधे पर बिठाकर पूरे इलाके में घुमाया
Kolhapur News in Hindi: रोहित जोंधले ने 16 असफलताओं के बाद 17वें प्रयास में भारतीय सेना में चयनित होकर परिवार का मान बढ़ाया. उनके दोस्त ने कंधों पर बिठाकर जुलूस निकाला.

दृढ़ इच्छाशक्ति, कड़ी मेहनत और सच्ची मित्रता की एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक तस्वीर कोल्हापुर से सामने आई है. यहाँ के मार्केट यार्ड स्थित राजीव गांधी वसाहत इलाके के रहने वाले एक साधारण युवा रोहित राजू जोंधले ने अपने 17वें और अंतिम प्रयास में भारतीय सेना में चयनित होकर न सिर्फ अपने परिवार का, बल्कि पूरे शहर का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया है.
दोस्त ने निभाया अपना अनूठा वचन
रोहित की इस शानदार कामयाबी के साथ-साथ उनके एक जिगरी दोस्त द्वारा निभाए गए वादे की भी खूब चर्चा हो रही है. दरअसल, रोहित के संघर्ष के दिनों में उनके दोस्त ने यह वचन दिया था कि जिस दिन रोहित का चयन भारतीय सेना में हो जाएगा, वह उसे अपने कंधों पर बिठाकर पूरे इलाके में घुमाएगा.
View this post on Instagram
जैसे ही रोहित की कामयाबी की खबर आई, दोस्त ने अपना वादा पूरा किया. 3 मार्च को दोस्त ने रोहित को अपने कंधों पर बिठा लिया और 'भारत माता की जय' व 'वंदे मातरम' के गगनभेदी नारों के बीच पूरी बस्ती में एक भव्य शोभायात्रा (विजय जुलूस) निकाली गई. इस अनूठे आनंदोत्सव का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस दोस्ती की मिसाल दे रहे हैं.
16 बार मिली असफलता, फिर भी नहीं मानी हार
रोहित का सेना की वर्दी तक पहुंचने का यह सफर संघर्षों से भरा रहा. उन्होंने सेना की भर्ती प्रक्रिया में करीब 17 बार हिस्सा लिया. लगातार 16 बार असफलता का स्वाद चखने के बाद भी इस युवा ने हार नहीं मानी. अपनी कमियों को सुधारा, पसीना बहाया और अंततः अपने अंतिम प्रयास में देश सेवा का सपना साकार कर लिया.
परिवार में पहली सरकारी नौकरी से छाई खुशी
रोहित एक बेहद साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता राजू जोंधले पेशे से एक रिक्शा चालक हैं और मां संगीता जोंधले एक गृहिणी हैं. परिवार में उनके दो बड़े भाई भी हैं, लेकिन पूरे जोंधले परिवार में अब तक किसी के पास कोई सरकारी नौकरी नहीं थी. अब रोहित के रूप में परिवार को पहली सरकारी नौकरी और देश की सीमा की रक्षा करने का गौरव प्राप्त हुआ है.
रिक्शा चालक पिता के बेटे की इस बेमिसाल कामयाबी और उसके दोस्त के इस निस्वार्थ प्रेम की आज हर तरफ जमकर सराहना हो रही है. बस्ती के लोगों और रिश्तेदारों ने रोहित का फूल-मालाओं से स्वागत किया और उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों बधाइयां दीं.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL


























