एकनाथ शिंदे को MNS के समर्थन देने के बाद राज ठाकरे का बड़ा बयान, 'अगर मैं थोड़ा...'
Raj Thackeray News: एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने शिवसेना संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे की जन्म शताब्दी के मौके पर कहा कि आज सिद्धांतों को यूं ही त्याग दिया जाता है और राजनीति पूरी तरह अवसरवादी हो गई है.

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने शुक्रवार (23 जनवरी) को कहा कि आज की पूरी तरह बदल चुकी राजनीति में अगर वह थोड़ा लचीला रुख अपनाते भी हैं तो यह कभी उनके व्यक्तिगत लाभ या स्वार्थ के लिए नहीं होगा. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दो दिन पहले उनकी पार्टी के पांच पार्षदों ने ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) में एकनाथ शिंदे-नीत शिवसेना को समर्थन दिया था.
यह कदम आश्चर्यजनक है, क्योंकि मनसे ने 15 जनवरी के निकाय चुनाव में केडीएमसी और मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई नगर निगमों में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. उद्धव ठाकरे-नीत पार्टी ने मनसे के पार्षदों के प्रतिद्वंद्वी दल के पक्ष में जाने पर सार्वजनिक तौर पर निराशा जताई.
आज निष्ठाएं आसानी से बिक जाती हैं- राज ठाकरे
राज ठाकरे ने शिवसेना संस्थापक और अपने ताऊ दिवंगत बाल ठाकरे की जन्म शताब्दी के अवसर पर ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘आज निष्ठाएं आसानी से बिक जाती हैं. सिद्धांतों को यूं ही त्याग दिया जाता है और राजनीति पूरी तरह अवसरवादी हो गई है. आज की राजनीति में सफलता इस बात से नहीं आंकी जाती कि कौन से मुद्दे सामने लाए गए या क्षेत्रीय और भाषाई अस्मिता को कितनी मजबूती से जीवित रखा गया, बल्कि यह इस बात से आंकी जाती है कि चुनावी राजनीति में कितनी सफलता मिली तथा वहां तक पहुंचने के लिए कौन-कौन से हथकंडे अपनाए गए.’’
बालासाहेब को सत्ता की लालसा नहीं थी- राज ठाकरे
MNS अध्यक्ष ने कहा, ‘‘बालासाहेब के समय में ऐसी अपेक्षाओं से कोई समझौता नहीं होता था. उन्हें स्वयं सत्ता की लालसा नहीं थी. यहां तक कि जब बालासाहेब को कभी राजनीति में लचीला रुख अपनाना पड़ा, तब भी मराठी लोगों के प्रति उनका प्रेम रत्ती भर भी कम नहीं हुआ, बल्कि इसके विपरीत यह और भी मजबूत हो गया. ये वही मूल्य हैं जो हमारे भीतर बोए गए हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं आज एक बार फिर वचन देता हूं कि इस पूरी तरह बदल चुकी राजनीति में अगर मैं थोड़ा लचीला रुख अपनाऊं भी, तो वह कभी मेरे निजी लाभ या स्वार्थ के लिए नहीं होगा.’’
'बालासाहेब और मराठी के प्रति प्रेम कम नहीं होगा'
राज ठाकरे ने आगे कहा कि मराठी भाषा, मराठी प्रांत और मराठी लोगों के प्रति बालासाहेब के अटूट प्रेम को देखकर हजारों-लाखों लोग उनके साथ जुड़े और वह भी उनमें से एक हैं. उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए ‘बालासाहेब’ और ‘मराठी’- इन दो शब्दों के प्रति मेरे और मेरे ‘महाराष्ट्र सैनिकों’ के मन में जो विश्वास तथा प्रेम है वह रत्ती भर भी कम नहीं होगा.’’
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