महाराष्ट्र: शरद पवार का साथ छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए प्रशांत जगताप, पुणे के रह चुके हैं मेयर
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में महानगर पालिका के चुनाव से पहले कांग्रेस को मजबूती मिली. पुणे के पूर्व मेयर प्रशांत जगताप कांग्रेस में शामिल हो गए.

महाराष्ट्र की राजनीति में शुक्रवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया. एनसीपी (शरद पवार) गुट के नेता प्रशांत जगताप कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए. इस मौके पर कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने जोरदार भाषण देते हुए मौजूदा राजनीतिक हालात, सत्ताधारी दल और चुनावी प्रक्रिया पर तीखा प्रहार किया. हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि कांग्रेस के प्रशांत महासागर में आपने प्रवेश किया है, इससे एक पूरा चक्र पूरा हो गया है.
पूरे महाराष्ट्र में सवाल था कि प्रशांत जगताप अब कहां जाएंगे और शुक्रवार (26 दिसंबर) को वे कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. उन्होंने कहा कि राजनीति विचारों की नहीं, बल्कि इस बात की हो गई है कि किसी पार्टी के कितने विधायक और सांसद चुने गए हैं और वह सत्ता में है या नहीं.
हर्षवर्धन सपकाल ने क्या कहा?
हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि आज हालात ऐसे हैं कि जिसके पास पैसा है, वही भाई, वही पिता और वही धर्म बन गया है. लेकिन कुटिल चाल, पैसों की राजनीति और दबाव की राजनीति को हम राजनीति नहीं मानते. सपकाल ने स्पष्ट किया कि राजनीति का असली मतलब वैचारिक संघर्ष है और कांग्रेस यही लड़ाई लड़ रही है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस समानता, बंधुता और सामाजिक न्याय के मूल्यों के साथ खड़ी है, जबकि जिन ताकतों के खिलाफ पार्टी लड़ रही है, उनकी विचारधारा मनुवादी है. उन्हें यह स्वीकार नहीं कि सत्ता आम लोगों के हाथ में हो, वे चाहते हैं कि राज्य कुछ मुट्ठीभर लोगों के हाथों में रहे.
कांग्रेस को वैचारिक संघर्ष के लिए मजबूत नेतृत्व मिला है- हर्षवर्धन सपकाल
हर्षवर्धन सपकाल ने राहुल गांधी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि कांग्रेस को वैचारिक संघर्ष के लिए मजबूत नेतृत्व मिला है. साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र की जनता का आभार व्यक्त किया और सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई दी.
हर्षवर्धन सपकाल ने हालिया चुनावों को लेकर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा, “288 में से 41 का आंकड़ा बड़ा नहीं है, यह हम मानते हैं, लेकिन हमारी संख्या का महत्व है. कांग्रेस ने बाजीगर की भूमिका निभाई है. हमने संघर्ष किया, पैसों की बाढ़ आई, लेकिन हम डटकर खड़े रहे.”
हर्षवर्धन सपकाल ने किया ये दावा
उन्होंने दावा किया कि पार्टी इस चुनावी जनादेश को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है क्योंकि चुनाव फिक्स था. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग न तो स्वतंत्र रहा और न ही निष्पक्ष. कांग्रेस नेता ने कहा कि चुनाव आयोग ने खुद को विदूषक बना लिया है और बीजेपी का रबर स्टैम्प बन गया है.
सपकाल ने सूजी हुई मतदाता सूचियों, फर्जी मतदान और पैसों के खुले इस्तेमाल का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि दूसरे इलाकों से मतदाताओं को लाकर रखा गया, मंगल कार्यालय बुक किए गए और खुलेआम पैसे बांटे गए. पुलिस और जिला प्रशासन पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि महाराष्ट्र में पुलिस और कानून की कोई कीमत नहीं रह गई.
उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जब एक अधिकारी से पूछा गया कि क्या कानून अपना काम कर रहा है, तो उसने सिर झुका लिया. सपकाल ने कहा कि उस पल मुझे महाराष्ट्र का नागरिक होने पर शर्म महसूस हुई.
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Source: IOCL






















