मुंबई में पानी के टैंकरों की हड़ताल के बीच BMC का बड़ा फैसला, अब खुद करेगी ये काम, क्या है पूरा मामला?
Mumbai Water Tanker Strike: सरकार की तरफ से कहा गया कि टैंकर संचालन का प्रबंधन बीएमसी वार्ड, मुंबई पुलिस और परिवहन कमिश्नरेट के दलों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से किया जाएगा.

Mumbai Water Tanker Strike: मुंबई में टैंकर हड़ताल खत्म न होने पर बीएमसी ने आपदा प्रबंधन कानून के तहत बड़ा कदम उठाया है. बीएमसी अब शहर के कुएं, बोरवेल और निजी पानी टैंकरों को अपने कंट्रोल में लेकर पानी की सप्लाई खुद करेगी. बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी के निर्देश पर ये फैसला लिया गया. मकसद है कि गर्मी के मौसम में लोगों को पानी की किल्लत न झेलनी पड़े.
सरकार की तरफ से कहा गया कि टैंकर संचालन का प्रबंधन बीएमसी वार्ड, मुंबई पुलिस और परिवहन कमिश्नरेट के दलों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से किया जाएगा. इसके अलावा सरकार की तरफ से ये भी कहा गया कि निजी हाउजिंग सोसाइटी और अन्य हितधारकों को सुव्यवस्थित जल आपूर्ति के लिए एक एसओपी तैयार की गई है.
मुंबई जल टैंकर संघ (एमडब्ल्यूटीए) ने टैंकरों को पानी की आपूर्ति करने वाले निजी कुओं के मालिकों द्वारा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए बीएमसी की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद गुरुवार से पानी की आपूर्ति अनिश्चितकाल के लिए रोक दी.
1800 रजिस्टर्ड टैंकर
मुंबई की दैनिक जल आवश्यकता लगभग 4,463 मिलियन लीटर है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) हर दिन 3,950 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति करती है. बचे हुए लगभग 250 से 300 मिलियन लीटर पानी की पूर्ति निजी टैंकरों के माध्यम से की जाती है. यह अतिरिक्त पानी शहर के भीतर मौजूद 385 बोरवेल और रिंग वेल जैसे स्रोतों से निकाला जाता है.
मुंबई वॉटर टैंकर एसोसिएशन (MWTA) के तहत लगभग 1,800 से 2,500 टैंकर पंजीकृत हैं. इन टैंकरों की क्षमता 500 लीटर से लेकर 20,000 लीटर तक होती है. ये टैंकर हर दिन करीब 250 से 350 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति करते हैं. ये टैंकर जिन जल स्रोतों से पानी भरते हैं, वे अधिकतर निजी कुएं, बोरवेल और रिंग वेल होते हैं.
इनकी सेवा का दायरा दक्षिण मुंबई के पॉश इलाकों से लेकर उपनगरों की रिहायशी सोसाइटियों, रेलवे, निर्माण स्थलों और औद्योगिक क्षेत्रों तक फैला हुआ है.
यह हड़ताल BMC द्वारा निजी कुओं के मालिकों को दिए गए नोटिसों और NOC अनिवार्यता के विरोध में की गई. हड़ताल के चलते कई रिहायशी इमारतों, मेट्रो और रोड प्रोजेक्ट्स, रेलवे कोच सफाई और अन्य आवश्यक सेवाओं की जल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है.
NOC की अनिवार्य
मुंबई जल टैंकर संघ के अनुसार, प्राधिकारियों ने केंद्रीय भूजल प्राधिकरण से एनओसी अनिवार्य कर दिया है. एमडब्ल्यूटीए के मुताबिक, कुएं के पट्टे या स्वामित्व का प्रमाण, डिजिटल जल प्रवाह मीटर की स्थापना, बीआईएस मानक का पालन आदि को भी अनिवार्य कर दिया गया है.
हड़ताल खत्म करने से इनकार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा बीएमसी से गर्मी के मौसम में नागरिकों की परेशानियों को देखते हुए तत्काल समाधान निकालने को कहे जाने के बावजूद एमडब्ल्यूटीए ने हड़ताल वापस लेने से इनकार कर दिया है.
फडणवीस ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा, "मुंबई नगर आयुक्त को संशोधित नियमों और टैंकर मालिकों की मांगों में बीच का रास्ते तलाशने के माध्यम से 'तत्काल समाधान' खोजने का निर्देश दिया है, क्योंकि कुछ स्थानों पर पानी (की कमी) की दिक्कत उत्पन्न हुई है."
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Source: IOCL






















