मुंबई में बारिश कहर, 6 दिन में गिरे 1100 पेड़! 4 की मौत और कई घायल, तीन साल के मानसून का रिकॉर्ड टूटा
Mumbai Rains: मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने पेड़ों के गिरने की घटनाओं को अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दिया है. केवल 1 जुलाई से 6 जुलाई के बीच शहर में 1,100 पेड़ गिर चुके हैं.

- BMC ने उद्यान बंद किए, अनावश्यक बाहर न निकलें.
मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने पेड़ों के गिरने की घटनाओं को रिकॉड स्तर पर पहुंचा दिया है. केवल 1 जुलाई से 6 जुलाई के बीच शहर में 1,100 पेड़ गिर चुके हैं, जो पिछले तीन वर्षों के पूरे मानसून सीजन में दर्ज घटनाओं से भी अधिक हैं. पिछले 24 घंटों में ही 523 पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं है. पेड़ गिरने की अलग-अलग घटनाओं में 10 लोग घायल हुए हैं और 4 लोगों की मौत हुई है.
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अनुसार, इस साल 1 जुलाई से अब तक 1,100 पेड़ गिर चुके हैं. यह संख्या वर्ष 2025 के पूरे मानसून में दर्ज 855, वर्ष 2024 के 653 और वर्ष 2023 के 687 पेड़ गिरने की घटनाओं से कहीं अधिक है.
मुंबई के भायंदर पश्चिम के उत्तन इलाके में हुए दर्दनाक हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. सड़क पर चल रही स्कूटी पर अचानक एक विशाल नारियल का पेड़ गिर गया. हादसा इतना भयावह था कि स्कूटी सवार राहुल पाटिल पेड़ के नीचे दब गए. राहुल पाटिल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.#mumbai… pic.twitter.com/h93fjYPxtg
— ABP News (@ABPNews) July 7, 2026
क्यों गिर रहे पेड़?
पिछले तीन दिनों से मुंबई में भारी बारिश के साथ 72 से 78 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, सामान्य मानसून के दौरान हवा की रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है, लेकिन इस बार सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण हवा की गति सामान्य से लगभग तीन गुना अधिक रही. हवा की गति के कारण पेड़ों की गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि 75 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार वाली हवाओं के कारण बड़ी संख्या में पेड़ उखड़ गए हैं. उन्होंने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की.
पिछले 24 घंटों में गिरे 523
पिछले 24 घंटों में गिरे 523 पेड़ों में से 188 घटनाएं पश्चिमी उपनगरों, 185 दक्षिण मुंबई (आइलैंड सिटी) और 150 पूर्वी उपनगरों में दर्ज की गईं. तेज हवाओं के कारण पेड़ों के उखड़ने और बड़ी-बड़ी शाखाओं के गिरने से कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ. पेड़ गिरने की घटनाओं में 4 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हुए हैं.
पेड़ गिरने की घटनाओं में 4 लोगों की मौत, कई घायल
जोगेश्वरी (अंबोली) में एक पेड़ आवासीय इमारत पर गिरने से 7 लोग घायल हो गए. वहीं, वर्ली बीडीडी चॉल (Worli BDD Chawl) में पेड़ की शाखा गिरने से 2 लोग घायल हुए हैं. वहीं, गोरेगांव में ऑटो रिक्शा पर पेड़ गिरने से एक व्यक्ति घायल हुआ है. मुंबई के मीरा-भायंदर में चलती बाइक पर नारियल का पेड़ गिरने से 35 वर्षीय राहुल अशोक पाटिल घायल हो गए और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.
रविवार (5 जुलाई) को कुर्ला में पेड़ की शाखा गिरने से 63 वर्षीय यूनुस कुंडावाला की मौत हो गई. इसके अलावा गोरेगांव पूर्व के आरे कॉलोनी में एक पेड़ की शाखा गिरने से 18 वर्षीय हसन रजा जहांगीर आलम सैयद की मौत हो गई. इससे पहले 30 जून को चेंबूर में स्कूल बस पर पीपल का पेड़ गिरने से 11 वर्षीय विहान श्रीवास्तव की जान चली गई थी.
एक्शन में BMC
BMC का कहना है कि लगातार मिल रही शिकायतों के कारण राहत दलों पर भारी दबाव है. बड़े और पुराने पेड़ों को हटाने में काफी समय लग रहा है, क्योंकि उन्हें शाखा-दर-शाखा काटकर हटाना पड़ता है.
नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए BMC ने अपने सभी सार्वजनिक उद्यान अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला किया है और लोगों से तेज़ हवा व बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने तथा अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की अपील की है.























