CM देवेंद्र फडणवीस का ऐलान, किसानों के 48 हजार करोड़ रुपये के पुराने बिजली बिल होंगे माफ
Maharashtra Farmer Loan Waiver: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए 48 हजार करोड़ रुपये के बिजली बिल माफी और 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी की घोषणा की है.

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार साढ़े सात हॉर्सपावर तक के कृषि पंपों पर किसानों के 48 हजार करोड़ रुपये के पुराने बिजली बिल माफ करेगी. उन्होंने कहा कि किसानों की “पट्टी कोरी” (साफ शुरुआत) होनी चाहिए, ताकि वे नए सिरे से अपने भविष्य का इतिहास लिख सकें. उन्होंने कहा कि यह फैसला किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से लिया गया है.
YB चव्हाण सेंटर में किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जीवन में बहुत कम सम्मान समारोह स्वीकार करते हैं, लेकिन इस बार उन्हें किसानों से संवाद करने और सरकार की किसान हितैषी योजनाओं को उनके सामने रखने का अवसर मिला. उन्होंने कहा कि वे यह सम्मान दोनों उपमुख्यमंत्रियों और मंत्रिपरिषद की ओर से स्वीकार कर रहे हैं.
चुनाव नहीं, किसानों के हित को ध्यान में रखकर लिया फैसला
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कर्जमाफी का फैसला उस समय लिया गया था, जब सामने कोई चुनाव नहीं था. अगर सरकार राजनीतिक दृष्टिकोण से सोचती, तो वर्ष 2029 के चुनावों से पहले भी यह फैसला लिया जा सकता था, लेकिन किसानों के हित के मुद्दों को राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि महायुति सरकार ने किसानों के हित में निर्णय लिया है.
उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने नियमित रूप से अपना कर्ज चुकाया है, उन्हें 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया गया. समिति की रिपोर्ट में यह कहा गया था कि लगातार कर्जमाफी से किसानों में कर्ज चुकाने की आदत प्रभावित होती है, लेकिन सरकार ने उस रिपोर्ट से आगे बढ़कर किसानों के हित में फैसला लिया.
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2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी का फैसला
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकों और किसानों की भावनाओं को देखते हुए सरकार ने 2 लाख रुपये तक की सार्वभौमिक कर्जमाफी का फैसला किया. उन्होंने कहा कि किसानों को अब 2 लाख रुपये तक की राशि चुकाने की आवश्यकता नहीं है. यदि किसी किसान पर 2 लाख रुपये से अधिक का कर्ज है, तो 2 लाख रुपये तक की राशि सरकार वहन करेगी, जबकि शेष राशि किसान को जमा करनी होगी.
उन्होंने यह भी कहा कि एल नीनो की स्थिति को देखते हुए चालू वर्ष की ऋण भुगतान की शर्त को भी हटाया गया है. इसके अलावा, किसी भी दो वर्षों में नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है.
'कर्जमाफी अंतिम समाधान नहीं'
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यदि हर 7-8 वर्षों में कर्जमाफी करनी पड़ रही है, तो इसका अर्थ है कि कृषि क्षेत्र में गंभीर चुनौतियां हैं. उन्होंने कहा कि आज तक कोई भी व्यक्ति केवल कर्जमाफी के कारण समृद्ध नहीं हुआ है. किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई तकनीकों को अपनाना, कृषि उत्पादकता बढ़ाना और लागत कम करना आवश्यक है.
उन्होंने कहा कि जलयुक्त शिवार योजना, ड्रिप, सिंचाई, फार्म पॉन्ड योजना, कृषि यंत्रीकरण और समूह खेती जैसी योजनाएं इसी सोच का हिस्सा हैं. राज्य में लाखों फार्म पॉन्ड बनाए गए हैं, जो अनियमित बारिश के समय किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रहे हैं.
48 हजार करोड़ रुपये के बिजली बिल होंगे माफ
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने साढ़े सात हॉर्सपावर तक के कृषि पंपों का बिजली बिल पहले ही माफ किया है. हालांकि, किसानों के नाम पर पुराने बकाया बिल दर्ज हैं और किसी भी समय बिजली कंपनी का कर्मचारी वसूली के लिए पहुंच सकता है. ऐसी स्थिति को समाप्त करने के लिए सरकार ने किसानों के 48 हजार करोड़ रुपये के पुराने बिजली बिल माफ करने का निर्णय लिया है.
उन्होंने कहा, “किसानों की पट्टी कोरी होनी चाहिए और उन्हें नया इतिहास लिखने का अवसर मिलना चाहिए. इसी उद्देश्य से हमने यह फैसला लिया है.”
कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र को केवल कर्जमाफी के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता. इसके लिए बड़े पैमाने पर निवेश की आवश्यकता है. सरकार कृषि को लाभकारी बनाने के लिए सौर कृषि वाहिनी, मुफ्त बिजली, कृषि यंत्रीकरण और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित कर रही है.
उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है. इसलिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और देशी गायों के संरक्षण की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं. कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए नए प्रयोग और निवेश आधारित मॉडल विकसित किए जा रहे हैं.
महाराष्ट्र को सूखामुक्त बनाने का लक्ष्य
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार नदी जोड़ परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है. वैनगंगा-नलगंगा परियोजना के तहत 450 किलोमीटर लंबी जल परियोजना तैयार की जा रही है, जिससे विदर्भ का कोई भी जिला सूखाग्रस्त नहीं रहेगा. इसके अलावा, पश्चिमी घाट की नदियों के पानी को गोदावरी और तापी बेसिन तक पहुंचाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि आज महाराष्ट्र का बड़ी मात्रा में पानी समुद्र में बह जाता है, जिसे संरक्षित कर सूखा प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा. उनका लक्ष्य आने वाली पीढ़ियों को सूखे की समस्या से मुक्त महाराष्ट्र देना है.
उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि वे कमरे में बैठकर फैसले लेने वालों में से नहीं हैं. उन्होंने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं, खेती-किसानी को करीब से देखा और समझा है तथा खेतों में काम भी किया है. उन्होंने कहा कि वे केवल घोषणाएं करने में विश्वास नहीं रखते, बल्कि उन्हें पूरा करने का संकल्प भी रखते हैं.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “मैंने जीवन में सपने देखना और उन्हें पूरा करना सीखा है. समृद्धि महामार्ग के समय लोगों ने मुझे पागल कहा था, लेकिन आज उसका परिणाम सबके सामने है. आने वाले समय में भी महाराष्ट्र में बड़े परिवर्तन देखने को मिलेंगे.”
उन्होंने कहा कि सरकार केवल आज या कल का नहीं, बल्कि अगले दस वर्षों के महाराष्ट्र का निर्माण करने की दिशा में काम कर रही है और किसानों के जीवन में स्थायी बदलाव लाना ही उसका उद्देश्य है.
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