Mumbai: 'हलाल टाउनशिप' पर मानवाधिकार आयोग सख्त, NHRC ने महाराष्ट्र सरकार से मांगी रिपोर्ट
Maharashtra News: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मुंबई के कर्जत में "हलाल लाइफस्टाइल टाउनशिप" को लेकर शिकायत पर महाराष्ट्र सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया.

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मुंबई से सटे कर्जत में विकसित की जा रही एक टाउनशिप परियोजना को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है. आयोग को मिली शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह टाउनशिप सिर्फ एक ही धर्म (मुस्लिम समुदाय) के लिए "हलाल लाइफस्टाइल टाउनशिप" नाम से प्रमोट की जा रही है.
शिकायतकर्ता ने इसे धार्मिक आधार पर विभाजन और सामुदायिक अलगाव को बढ़ावा देने वाला प्रोजेक्ट बताया है. साथ ही इसे संविधान के प्रावधानों, समानता और गैर-भेदभाव के अधिकार का उल्लंघन करार दिया है.
2 हफ्तों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट की मांग
सुरक्षा और सामाजिक दृष्टिकोण से भी इस प्रोजेक्ट को लेकर चिंता जताई गई है और कहा गया है कि यह "कट्टरपंथी गेट्टोइजेशन" का केंद्र बन सकता है. आयोग ने इसे मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला मानते हुए महाराष्ट्र सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है.
साथ ही निर्देश दिया गया है कि शिकायत की गहन जांच कर 2 हफ्तों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट आयोग को सौंपी जाए. यह स्पष्ट किया जाए कि RERA (मुंबई, महाराष्ट्र) ने धार्मिक आधार पर इस परियोजना को लाइसेंस/अनुमति कैसे प्रदान की और रिपोर्ट की एक प्रति आयोग को ईमेल से भी भेजी जाए.
1993 की धारा 12 के तहत संज्ञान में लिया
मानवाधिकार आयोग की बेंच, जिसकी अध्यक्षता सदस्य प्रियंक कानूनगो कर रहे हैं, ने इसे मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत संज्ञान में लिया है. बता दें, आयोग के समक्ष दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह टाउनशिप विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के लिए प्रचारित और विकसित की जा रही है.
यह सामुदायिक अलगाव (Communal Segregation) को बढ़ावा देती है और संविधान में समानता एवं भेदभाव विरोधी प्रावधानों का उल्लंघन है. शिकायत में शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि इस प्रकार की परियोजना न केवल सामाजिक और संवैधानिक मानकों के विपरीत है, बल्कि सुरक्षा और सामाजिक दृष्टि से भी खतरनाक साबित हो सकती है. आरोप है कि यह क्षेत्र भविष्य में कट्टरपंथी क्षेत्र में बदल सकता है.
























