एक्सप्लोरर

मुंबई में झुग्गी के बदले बने बिल्डिंग के घरों को 'वर्टिकल स्लम' का दौर गया, कांदिवली में बना मॉडल प्रोजेक्ट

Mumbai News: कांदिवली में SRA ने झुग्गी इलाके को बदलकर ऊर्ध्वाधर स्लम की छवि को चुनौती दी है. श्रीजी शरण समूह की तीन 30-मंजिला इमारतों में 680 फ्लैट हैं.

Mumbai News: मुंबई के कांदिवली (पश्चिम) के लिंक रोड से सटे झुग्गी इलाके में स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) योजना के अंतर्गत विकसित एक पुनर्विकास प्रोजेक्ट ने ‘वर्टिकल स्लम’ जैसी छवि को चुनौती दी है. आमतौर पर SRA इमारतों को सिर्फ पुनर्वास का जरिया माना जाता है, जहां बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव होता है. लेकिन अब मुंबई के SRA इमारतों के सुंदरता और सुविधा के लिहाज से  प्रोजेक्ट में तैयार की गई इमारतें सुविधाओं और डिजाइन के लिहाज़ से किसी प्राइवेट रियल एस्टेट प्रोजेक्ट से कम नहीं हैं.

यह परियोजना श्रीजी शरण ग्रुप ऑफ कंपनी द्वारा विकसित की गई है जिसका स्थानीय बीजेपी विधायक योगेश सागर के हाथों इसका उद्घाटन हुआ. उन्होंने इसे मुंबई में एसआरए मॉडल के लिए “आदर्श उदाहरण” करार दिया.

आधुनिक सुविधाओं से लैस SRA इमारत
इस पुनर्विकास परियोजना में तीन ३० मंजिला इमारत तैयार की जा रही हैं, जिसमें कुल 680 फ्लैट होंगे. प्रत्येक प्लेट का क्षेत्रफल लगभग 300 वर्ग फुट है. हालांकि, जो बात इसे विशिष्ट बनाती है उसमें एक सुसज्जित जिम्नेशियम,  ⁠बच्चों के लिए प्ले एरिया, ⁠सोशल मीडिया स्टूडियो,  ⁠कम्युनिटी किचन और डाइनिंग जोन, कम्युनिटी हॉल और सोसाइटी कार्यालय, ⁠एक तीन-बेड वाला प्राथमिक अस्पताल,  ⁠कार्यरत माता-पिता के बच्चों के लिए डे-केयर सुविधा और 18 फीट ऊंचा आकर्षक रिसेप्शन क्षेत्र भी होगा . इसके अलावा लाइब्रेरी , मेहमानों के लिए लग्जुरियस गेस्ट हाउस, व्यवसायिको के लिए बिजनेस सेंटर , पालना घर (डे केयर सेंटर) दो मंजिला पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी . 

यह इलाका पहले 10,000 वर्ग मीटर में फैला एक घनी आबादी वाला स्लम पॉकेट था, जहां करीब सैकड़ों परिवार रहते थे. मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव था. एसआरए योजना के अंतर्गत इस क्षेत्र का विकास किया गया है, और निवासियों को आश्रय के साथ-साथ सम्मानजनक जीवनशैली भी प्रदान की गई है.

'एक नया घर नहीं, बल्कि एक नई ज़िंदगी मिली'
मुंबई में स्लम रीडेवलपमेंट के नाम पर इमारतों में मिलने वाली सुविधा और सुंदरता महज़ नाम की होती है . ऐसे पर उद्घाटन के मौके पर कई निवासियों ने हैरानी जताते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ एक नया घर नहीं, बल्कि एक नई जिंदगी मिली है. 

स्थानीय विधायक योगेश सागर ने कहा “अक्सर स्लम क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं देने के बाद भी वहां की दशा नहीं बदलती. यदि इसी तरह की सुविधाएं SRA में दी जाएं, तो लोग खुशी-खुशी रिहैबिलिटेशन योजना में भाग लेंगे. इससे न केवल समाज का सर्वांगीण विकास होगा, बल्कि सरकार की राजस्व आय भी बढ़ेगी.”

परियोजना निर्माता मेहुल संघवी, डायरेक्टर, श्रीजी शरण ग्रुप ने कहा: “हमने इस इमारत को महज़ पुनर्वास की दृष्टि से नहीं देखा, बल्कि इसे सामाजिक उत्तरदायित्व के रूप में लिया. हमारा प्रयास था कि यहां रहने वालों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक जीवन दिया जाए.”

यह उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी श्रीजी शरण ग्रुप ने अपनी एक नई 20 मंजिला इमारत को अस्थायी अस्पताल के रूप में सरकार को सौंपा था.

कांदिवली स्थित यह एसआरए प्रोजेक्ट न सिर्फ भौतिक संरचना का उदाहरण है, बल्कि एक नई सोच, साझेदारी और सामाजिक समर्पण का प्रतीक भी है. ऐसे प्रयास यदि मुंबई के अन्य स्लम रिहैबिलिटेशन प्रोजेक्ट्स में दोहराए जाएं, तो शहर की सामाजिक संरचना में बड़ा परिवर्तन संभव है.

ये भी पढ़ें: समर कैंप में स्विमिंग करते समय पूल में डूबा 11 साल का बच्चा, ठेकेदार समेत 6 पर केस दर्ज

मृत्युंजय सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिनका पत्रकारिता में 18 वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में ABP News में कार्यरत हैं और महाराष्ट्र में डिप्टी ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं. वे अपराध, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी रिपोर्टिंग करते हैं. उनकी डिफेंस में काफी रुचि है.
Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

पूरे उत्तर भारत में 5 डिग्री पहुंचेगा पारा, यूपी-दिल्ली से बिहार तक हालत खराब, मौसम विभाग की नई चेतावनी
पूरे उत्तर भारत में 5 डिग्री पहुंचेगा पारा, यूपी-दिल्ली से बिहार तक हालत खराब, मौसम विभाग की नई चेतावनी
UP Weather: लखनऊ से अयोध्या तक सर्दी का सितम, 25 जिलों में कोल्ड-डे! जानें आपके शहर का हाल
यूपी का मौसम: लखनऊ से अयोध्या तक सर्दी का सितम, 25 जिलों में कोल्ड-डे! जानें आपके शहर का हाल
Bangladesh Diesel Import: भारत के बिना बांग्लादेश का नहीं चल रहा काम, यूनुस ने पहले चावल मांगे और अब 1.8 लाख टन डीजल चाहिए
भारत के बिना बांग्लादेश का नहीं चल रहा काम, यूनुस ने पहले चावल मांगे और अब 1.8 लाख टन डीजल चाहिए
मुस्तफिजुर रहमान को IPL से निकाला गया तो क्या बांग्लादेश ने रिद्धिमा पाठक को BPL से निकाल कर लिया बदला? जानिए सच्चाई
मुस्तफिजुर रहमान को IPL से निकाला गया तो क्या बांग्लादेश ने रिद्धिमा पाठक को BPL से निकाल कर लिया बदला? जानिए सच्चाई

वीडियोज

Air Fare Hike: किराए अचानक क्यों और कैसे बढ़ गए, DGCA ने एयरलाइंस से मांगा जवाब | Breaking
Janhit with Chitra Tripathi: Turkman Gate Violence में ‘अफवाह गैंग’ का पर्दाफाश, Viral Video में कैद
Turkman Gate Row: अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर एक्शन के दौरान बवाल क्यों? | Delhi
Sandeep Chaudhary ने आंकड़ों से दिखायाSourabh Malviya को आईना! | UP SIR Draft List | BJP | SP
Turkman Gate Row: मस्जिद को तोड़ने की थी साजिश..तुर्कमान गेट बवाल का असली सच क्या? | Delhi

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
पूरे उत्तर भारत में 5 डिग्री पहुंचेगा पारा, यूपी-दिल्ली से बिहार तक हालत खराब, मौसम विभाग की नई चेतावनी
पूरे उत्तर भारत में 5 डिग्री पहुंचेगा पारा, यूपी-दिल्ली से बिहार तक हालत खराब, मौसम विभाग की नई चेतावनी
UP Weather: लखनऊ से अयोध्या तक सर्दी का सितम, 25 जिलों में कोल्ड-डे! जानें आपके शहर का हाल
यूपी का मौसम: लखनऊ से अयोध्या तक सर्दी का सितम, 25 जिलों में कोल्ड-डे! जानें आपके शहर का हाल
Bangladesh Diesel Import: भारत के बिना बांग्लादेश का नहीं चल रहा काम, यूनुस ने पहले चावल मांगे और अब 1.8 लाख टन डीजल चाहिए
भारत के बिना बांग्लादेश का नहीं चल रहा काम, यूनुस ने पहले चावल मांगे और अब 1.8 लाख टन डीजल चाहिए
मुस्तफिजुर रहमान को IPL से निकाला गया तो क्या बांग्लादेश ने रिद्धिमा पाठक को BPL से निकाल कर लिया बदला? जानिए सच्चाई
मुस्तफिजुर रहमान को IPL से निकाला गया तो क्या बांग्लादेश ने रिद्धिमा पाठक को BPL से निकाल कर लिया बदला? जानिए सच्चाई
Ikkis BO Day 7: अगस्तय नंदा की 'इक्कीस' का बॉक्स ऑफिस पर कैसा रहा हाल? जानें 7 दिनों की पूरी रिपोर्ट
अगस्तय नंदा की 'इक्कीस' का बॉक्स ऑफिस पर कैसा रहा हाल? जानें एक हफ्ते की पूरी रिपोर्ट
रोज 100 किमी स्कूल पढ़ाने जाता है ये शिक्षक, फिर भी नहीं चाहता ट्रांसफर- भावुक कर देगी वजह, वीडियो वायरल
रोज 100 किमी स्कूल पढ़ाने जाता है ये शिक्षक, फिर भी नहीं चाहता ट्रांसफर- भावुक कर देगी वजह
पिंपल्स के बाद रह गए गड्ढे? बिना महंगे ट्रीटमेंट के इन तरीकों से पाएं स्मूद स्किन
पिंपल्स के बाद रह गए गड्ढे? बिना महंगे ट्रीटमेंट के इन तरीकों से पाएं स्मूद स्किन
इंजीनियरिंग की पढ़ाई करनी है? पहले समझ लें BE और B Tech का अंतर
इंजीनियरिंग की पढ़ाई करनी है? पहले समझ लें BE और B Tech का अंतर
Embed widget