महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, अखबारों में कटौती; अब ऐसे खबरें पढ़ेंगे मंत्री
Maharashtra Government Decision: सरकार ने प्रिंट अखबारों के वितरण पर अब रोक लगाने का आदेश जारी किया है. साथ ही अब 1 सितंबर से मंत्री ई-पेपर पढ़ेंगे.

महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने प्रिंट अखबारों के वितरण पर अब रोक लगाने का आदेश जारी किया है. साथ ही अब 1 सितंबर से मंत्री ई-पेपर पढ़ेंगे. महाराष्ट्र सरकार ने 1 सितंबर से उपमुख्यमंत्रियों और अन्य मंत्रियों के कार्यालयों एवं सरकारी आवासों पर मुद्रित समाचार पत्रों और पत्रिकाओं की आपूर्ति बंद करने का निर्णय लिया हैं.
इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने शासनादेश जारी किया है. आदेश के मुताबिक मुख्यमंत्री के कार्यालय और सरकारी निवास पर पहले की तरह ही मुद्रित समाचार पत्रों की आपूर्ति जारी रहेगी. इसका खर्च सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा वहन किया जाएगा. वहीं, अन्य मंत्रियों को समाचार पत्रों और पत्रिकाओं का खर्च अपने-अपने विभागों से करना होगा. अब उन्हें समाचार पत्रों और पत्रिकाओं की ऑनलाइन सदस्यता लेनी होगी.
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ऑनलाइन माध्यम से पढ़ेंगे अखबार
सामान्य प्रशासन विभाग ने निर्णय लिया है कि उपमुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और राज्य मंत्रियों के कार्यालयों एवं सरकारी आवासों पर समाचार पत्र और पत्रिकाएं ऑनलाइन सदस्यता के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएं. इसके लिए होने वाले बिल उपमुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और राज्य मंत्रियों के कार्यालयों के माध्यम से संबंधित प्रशासनिक विभागों को प्रस्तुत किए जाएं.
शासनादेश में कहा गया है कि इस व्यवस्था पर होने वाला खर्च संबंधित प्रशासनिक विभाग अपने उपलब्ध कार्यालयीन व्यय मद के अंतर्गत आवंटित निधि से वहन करेंगे. आदेश में कहा गया है कि विभाग से डिप्टी चीफ मिनिस्टर, मिनिस्टर और स्टेट मिनिस्टर ऑफिस और घरों को सप्लाई होने वाले न्यूजपेपर और मैगजीन 1 सितंबर 2026 से बंद किए जा रहे हैं.
आदेश में क्या कहा गया?
आदेश में यह भी कहा गया है कि मुख्यमंत्री के घर और ऑफिस में अखबार और मैगजीन देने का मौजूदा तरीका जारी रखा जाना चाहिए. इन कामों पर होने वाला खर्च इसी डिपार्टमेंट से मंजूर किया जाएगा. अखबारों का ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन लेकर उपमुख्यमंत्री, मंत्री और राज्य मंत्री के ऑफिस और घरों पर अखबार और मैगजीन उपलब्ध कराई जानी चाहिए. साथ ही, इस बारे में पेमेंट उपमुख्यमंत्री, मंत्री और राज्य मंत्री के ऑफिस के जरिए संबंधित एडमिनिस्ट्रेटिव डिपार्टमेंट को जमा किया जाना चाहिए.
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