महाराष्ट्र विधानसभा में आज से शुरू होगा बजट सत्र, पहली बार बिना नेता प्रतिपक्ष के चलेगा सेशन
Maharashtra budget Session 2026: महाराष्ट्र का बजट सत्र इस बार विधानसभा और विधान परिषद दोनों में नेता प्रतिपक्ष के बिना शुरू हो रहा है. विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक संतुलन के लिए खतरा बताया है.

महाराष्ट्र में सोमवार (23 फरवरी) से विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने जा रहा है. राज्य के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा, जब विधानसभा और विधान परिषद दोनों में नेता प्रतिपक्ष नहीं होगा. 22 फरवरी को मुंबई से मिली जानकारी के अनुसार यह स्थिति मौजूदा राजनीतिक गणित के कारण बनी है.
विधानसभा और 78 सदस्यीय विधान परिषद में विपक्ष आवश्यक संख्या नहीं जुटा सका है, जिससे नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति संभव नहीं हो पाई. पिछले साल दिसंबर में कांग्रेस एमएलसी प्रज्ञा सातव के इस्तीफे के बाद परिषद में विपक्ष की स्थिति और कमजोर हो गई.
विपक्ष का क्या है कहना?
महा विकास अघाडी ने इस घटनाक्रम को लोकतांत्रिक मानदंडों के लिए खतरा बताया है. गठबंधन का कहना है कि भारी बहुमत वाली सरकार के सामने संस्थागत नियंत्रण और संतुलन बनाए रखने के लिए नेता प्रतिपक्ष का होना जरूरी है. शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने इसे लोकतंत्र पर कलंक करार दिया. पीटीआई के अनुसार, उनका कहना है कि विपक्ष की संवैधानिक भूमिका को कमजोर कर सरकार जवाबदेही से बचना चाहती है.
शिवसेना (UBT) विधायक भास्कर जाधव ने सत्तारूढ़ गठबंधन पर अहंकार का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि दोनों सदनों में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति न करना लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को जानबूझकर कमजोर करना है.
सरकार का पक्ष
इस मुद्दे पर पूछे जाने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति का विशेषाधिकार है. उन्होंने इस विषय पर टिप्पणी करने से इनकार किया और इसे सदन की प्रक्रिया से जुड़ा निर्णय बताया.
जानकारों का मानना है कि यह स्थिति असामान्य होने के पीछे कई कारण हैं, जैसे राज्य के इतिहास में पहली बार दोनों सदनों में नेता प्रतिपक्ष का पद रिक्त है. परिषद में संख्या बल की कमी से विपक्ष दावा पेश नहीं कर सका. महायुति सरकार के पास स्पष्ट बहुमत है, जिससे विपक्ष की ताकत सीमित हुई है. इस अभूतपूर्व स्थिति के बीच बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होगी. राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बिना नेता प्रतिपक्ष के सदन में बहस और सरकार की जवाबदेही किस तरह सुनिश्चित होती है.
अजित पवार के निधन पर शोक प्रस्ताव
महाराष्ट्र में आज 23 फरवरी से बजट सत्र शुरू हो रहा है. सत्र की कार्यवाही के दौरान अजित पवार के निधन पर शोक प्रस्ताव पेश किया जाएगा और उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी. वहीं रोहित पवार सहित कुछ अन्य विधायक अजित पवार की विमान दुर्घटना को लेकर संशय जता रहे हैं और इस मुद्दे को लेकर सदन में आवाज उठाने की तैयारी कर रहे हैं.























