केतन अग्रवाल मर्डर केस: चैट में कोड वर्ड और निकनेम का दावा, सिया-चेतन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत
Ketan Agrwal Murder Case: पुलिस ने जांच आगे बढ़ाने के लिए दोनों आरोपियों की पुलिस हिरासत बढ़ाने की मांग की थी. मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ए. एम. विभूते की अदालत में हुई.

महाराष्ट्र में पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को अदालत में पेश किया गया. पुलिस ने जांच आगे बढ़ाने के लिए दोनों आरोपियों की पुलिस हिरासत बढ़ाने की मांग की थी. मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) ए. एम. विभूते की अदालत में हुई. वहीं इस मामले को लेकर दावा किया गया है कि आरोपी सिया और चेतन बातचीत के लिए चैट में कोडवर्ड और निकनेम का सहारा लेते थे.
अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता राजश्री विरकुड ने दलील दी कि सिया गोयल के घर से एक वर्ष पुराना मोबाइल फोन बरामद किया गया है. इसके अलावा, आरोपी के मौजूदा मोबाइल से डिलीट किया गया डेटा भी रिकवर किया गया है.अभियोजन के अनुसार, बरामद चैट में कई जगह कोड वर्ड और निकनेम का इस्तेमाल किया गया है, जिन्हें समझने और जांच पूरी करने के लिए आरोपियों से आगे पूछताछ आवश्यक है.
पुलिस ने हिरासत बढाने के लिए पांच आधार पेश किए
सरकारी वकील अधिवक्ता विपुल दुसिंग ने अदालत को बताया कि पुलिस ने हिरासत बढ़ाने के लिए पांच आधार पेश किए हैं. उनका कहना था कि बरामद डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों से आमना-सामना कर पूछताछ करने और कथित कोडेड बातचीत का अर्थ समझने से जांच को महत्वपूर्ण मदद मिलेगी.
बचाव पक्ष ने जताया विरोध
वहीं, बचाव पक्ष ने पुलिस की मांग का विरोध करते हुए कहा कि पुलिस केवल नए सबूत तलाशने की उम्मीद में “फिशिंग इन्क्वायरी” कर रही है. बचाव पक्ष ने दलील दी कि 12 दिन की पुलिस हिरासत के बाद बिना किसी ठोस और नए आधार के आगे की रिमांड नहीं दी जा सकती. बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि चैट में इस्तेमाल कथित कोड वर्ड और निकनेम की व्याख्या करने के लिए आरोपियों को मजबूर नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 20 के तहत स्वयं के खिलाफ साक्ष्य देने के अधिकार का उल्लंघन होगा.
हालांकि, अभियोजन पक्ष ने कहा कि आगे की हिरासत जांच के लंबित पहलुओं को पूरा करने के लिए बेहद जरूरी है और इससे मामले की जांच में सीधी मदद मिलेगी. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस हिरासत की मांग पर फैसला सुरक्षित रख लिया. इसके बाद अदालत ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया.





















