महाराष्ट्र में रिक्शा- टैक्सी चालकों की मराठी सीखने डेडलाइन खत्म, अब होगा एक्शन?
Mumbai News: ट्रांसपोर्ट यूनियन के नेता हाजी अराफात शेख का कहना है कि सरकार एक भी रिक्शा चालक का लाइसेंस रद्द नहीं कर सकती. उन्होंने कहा कि संविधान में इस तरह की कार्रवाई का कोई प्रावधान नहीं है.

महाराष्ट्र में गैर-मराठी रिक्शा और टैक्सी चालकों को मराठी सीखने के लिए दी गई 100 दिन की मोहलत आज खत्म हो रही है. देवेंद्र फडणवीस सरकार का कहना है कि इसके बाद परिवहन विभाग कार्रवाई शुरू करेगा, जबकि रिक्शा-टैक्सी यूनियनों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर एक भी लाइसेंस रद्द किया गया तो वे कानूनी लड़ाई लड़ने के साथ हड़ताल पर जाएंगे.
महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में करीब दो लाख गैर-मराठी रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए बोलचाल की मराठी सीखना जरूरी किया था. इसके लिए उन्हें 100 दिन की मोहलत दी गई थी. सरकार की ओर से मराठी सिखाने के लिए क्लास और वर्कशॉप आयोजित करने की कोशिश भी की गई.
वहीं दूसरी तरफ रिक्शा चालकों का कहना है कि 100 दिनों में उन्हें पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिल पाया. बारिश, शिक्षकों की कमी और क्लास के लिए जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण कई चालक केवल 30 से 40 दिन ही ठीक से मराठी सीख पाए. उनका कहना है कि वे थोड़ी-बहुत मराठी बोल लेते हैं, लेकिन जिन लोगों ने अभी तक मराठी नहीं सीखी है, उनके लाइसेंस या बैज रद्द करना उचित नहीं है, क्योंकि इसी काम से उनके परिवार का घर चलता है.
कुछ और समय दिया जाए- ट्रांसपोर्ट यूनियन
उधर, मुंबई के कुर्ला में रिक्शा चालकों से बातचीत के दौरान भी यही मांग सामने आई कि सरकार उन्हें कुछ और समय दे और तुरंत कार्रवाई न करे. ट्रांसपोर्ट यूनियन के नेता हाजी अराफात शेख का कहना है कि सरकार एक भी रिक्शा चालक का लाइसेंस रद्द नहीं कर सकती.
'तो जाएंगे कोर्ट'
उनका दावा है कि संविधान में केवल भाषा के आधार पर इस तरह की कार्रवाई का कोई प्रावधान नहीं है. उनका कहना है कि सरकार को जोर-जबरदस्ती के बजाय रिक्शा चालकों को अतिरिक्त समय देना चाहिए. अगर कार्रवाई की गई तो यूनियन कानून का दरवाजा खटखटाएगी और इसका विरोध करेगी.
19 अगस्त से शुरू होगी कार्रवाई- परिवहन मंत्री
वहीं महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक का कहना है कि सरकार ने गैर-मराठी रिक्शा और टैक्सी चालकों को मराठी सीखने के लिए 100 दिन का पर्याप्त समय दिया है. उन्होंने कहा कि 19 अगस्त को ट्रांसपोर्ट यूनियन के प्रतिनिधियों और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक होगी और इसके बाद कार्रवाई का ड्राइव शुरू किया जाएगा.
'पहले दिया जाएगा नोटिस'
सरकार के मुताबिक, जिन चालकों को मराठी नहीं आती, उनके खिलाफ कानून के तहत प्रक्रिया शुरू की जाएगी. पहले उन्हें एक महीने का नोटिस दिया जाएगा और इस दौरान उन्हें मराठी सीखने का मौका मिलेगा. इसके बाद लाइसेंस और बैज रद्द करने की प्रक्रिया के लिए तीन महीने का नोटिस दिया जाएगा. अगर इस अवधि के बाद भी चालक मराठी सीखने में असफल रहता है, तो कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी.
'65 हजार चालकों को दिया सर्टिफिकेट'
सरकार का दावा है कि अब तक करीब एक लाख 65 हजार रिक्शा और टैक्सी चालकों को मराठी सीखने का सर्टिफिकेट दिया जा चुका है. ऐसे में आज डेडलाइन खत्म होने के साथ ही यह मामला सिर्फ भाषा सीखने की शर्त तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि महाराष्ट्र में सरकार, विपक्ष और रिक्शा-टैक्सी यूनियनों के बीच एक बड़े राजनीतिक विवाद का मुद्दा बन गया है.





















