आतंकियों ने उजाड़ दिया था सुहाग, सेना के एक्शन पर प्रगति जगदाले बोलीं, 'ऑपरेशन सिंदूर का नाम सुनकर...'
Operation Sindoor: संतोष जगदाले को पहलगाम में आतंकियों ने गोली मार दी थी. अब उनकी पत्नी पत्नी प्रगति जगदाले ने भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले में पुणे के रहने वाले संतोष जगदाले को आतंकियों ने मौत के घाट उतार दिया था. अब उनकी पत्नी प्रगति जगदाले ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना के 'ऑपरेशन सिंदूर' पर प्रतिक्रिया दी. उन्होने कहा कि आतंकियों ने जिस तरह से हमारी बेटियों को सिंदूर मिटाया, उसके बाद उनके लिए ये करारा जवाब है. उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन का नाम सुनते ही मेरे आंखों में आंसू आए.
'सरकार का शुक्रिया अदा करती हूं'
प्रगति जगदाले ने कहा, "मैं सरकार का तहे दिल से शुक्रिया अदा करती हूं." पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकियों की गोली का शिकार होने वाले संतोष जगदाले इंटीरियर डेकोरेटर के साथ-साथ बीमा एजेंट के तौर पर भी काम करते थे.
प्रगति जगदाले की जो भावना है वो देश की भावना है. भारतीय सेना की इस कार्रवाई के देश के केलेज को ठंडक मिली है. आतंकियों ने पहलगाम में जिस तरह से धर्म पूछकर मासूम और निर्दोष लोगों को निशाना बनाया था, इसके बाद से ही एक्शन की मांग हो रही है. जनता चाह रही थी कि सरकार आतंक और आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे. संतोष जगदाले सहित पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी.
पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकाने ध्वस्त
बता दें कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के ठिकानों पर निशाना बनाया और उसे ध्वस्त कर दिया. कुल नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है. रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान की सेना को इस स्ट्राइक में निशाना नहीं बनाया गया.
'ये काम होना ही चाहिए'
सेना के स्ट्राइक पर लोगों की भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. मुंबई के रामबली राजभर से न्यूज़ एजेंसी ANI से बातचीत में कहा, "हमारी सेना जो किया है वो बहुत अच्छा हुआ है. उन गद्दारों ने हमारे देश के 26 लोगों के ऊपर अत्याचार किया, उसके बदले में तो ये बहुत कम है. हमारे पूरे हिंदुस्तान के लोगों का खून बौखलाया हुआ है. इसलिए ये काम होना ही होना चाहिए. हम लोग मोदी जी के साथ हैं. पूरे देश के साथ हैं."
'पाकिस्तान को सबक देना जरूरी था'
मुंबई में सेना से रिटायर कमलेश ने कहा, "मैंने 19 साल सेवा की है. मैं जाट रेजिमेंट में था. लाइन ऑफ कंट्रोल में मैं नौ साल रहा हूं. जो अभी सरकार ने किया है वो बहुत अच्छा किया है. पाकिस्तान को एक बार सबक देना बहुत जरूरी था. वो जिस तरह से कर रहा है वो हमारे लिए बहुत दुखदायक था. हमने बहुत मिलिटेंसि देखा."
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