Maharashtra: डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने अचानक चेक की मुंबई के सड़कों की ग्राउंड रियलिटी, अफसरों को दी ये हिदायत
Eknath Shinde: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने बीएमसी और गड्ढा मुक्त परियोजना से जुड़े अन्य अधिकारियों से कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता न करें. कोताही मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी.

Eknath Shinde News: महाराष्ट्र में गड्ढा मुक्त सड़क परियोजना के तहत बृहन्मुंबई नगर निगम क्षेत्र में लगभग 400 किलोमीटर सड़कों पर सीमेंट कंक्रीटिंग का काम तेजी से चल रहा है. बीएमसी ने कंक्रीटिंग कार्य को पूरा करने के लिए 31 मई 2025 तक का लक्ष्य रखा है. इस बीच मंगलवार को उपमुख्यमंत्री और मुंबई के पालकमंत्री एकनाथ शिंदे ने शहर और पूर्वी उपनगरों में सीमेंट कंक्रीटिंग के काम का जायजा लिया.
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने बॉम्बे हॉस्पिटल चौक, सी सेक्शन से आर. एस. सप्रे मार्ग, माटुंगा क्षेत्र में जामे जमशेद मार्ग और एम पश्चिम प्रभाग के चेंबूर क्षेत्र में सड़क क्रमांक 21 जैसे सड़क कार्यों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों से भी बातचीत की.

गुणवत्ता समझौता बर्दाश्त नहीं- डिप्टी सीएम शिंदे
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा, "हम मुंबई को गड्ढा मुक्त बनाने का संकल्प पूरा करने जा रहे हैं. जब सड़कों की बात आती है तो गुणवत्ता से समझौता कभी बर्दाश्त नहीं किया जाता. नगर निगम ने घटिया काम करने वाले ठेकेदारों पर अब तक 3.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है."
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, "यदि कोई ठेकेदार गलत काम करता पाया गया तो उसे अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा."
काम के साथ अफसर पर्यावरण का भी रखें ध्यान
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता उच्चतम मानक की सुनिश्चित करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी मुंबई) को तृतीयक संस्थान के रूप में नियुक्त किया गया है. नगर निगम के इंजीनियर व्यक्तिगत रूप से मौके पर मौजूद हैं और काम की निगरानी कर रहे हैं.
डिप्टी सीएम शिंदे ने अधिकारियों से कहा कि सीमेंट कंक्रीटिंग का काम ऐसा कोई कार्य नहीं किया जाना चाहिए जिससे पर्यावरण को हानि पहुंचे. पेड़ों की देखभाल उचित ढंग से की जानी चाहिए. दरअसल, बृहन्मुंबई नगर निगम क्षेत्र में सीमेंट कंक्रीट सड़क परियोजना के तहत अब तक 1,333 किलोमीटर सड़कों का कंक्रीटिंग पूरा हो चुका है. शेष सड़कों पर कंक्रीटिंग का काम दो चरणों में चल रहा है.
Source: IOCL






















