NCERT की किताबों में पढ़ाया जाएगा इमरजेंसी का इतिहास, भड़की कांग्रेस, कहा- 'बच्चों को गलत दिशा...'
Maharashtra News: NCERT की क्लास 9 की सामाजिक विज्ञान की किताब में आपातकाल का सेक्शन जोड़े जाने पर महाराष्ट्र कांग्रेस के विधायक विजय वडेट्टीवार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

- उन्होंने मौजूदा स्थिति को 'अघोषित आपातकाल' करार दिया.
नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने पहली बार क्लास 9 की की सामाजिक विज्ञान की किताब में 1975-77 के आपातकाल पर एक सेक्शन शामिल किया है. इस किताब में आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के सामने आई "बड़ी चुनौतियों में से एक बताया गया है. इसके साथ ही इसमें मौलिक अधिकारों के निलंबन, प्रेस सेंसरशिप और जयप्रकाश नारायण आंदोलन का उल्लेख है.
NCERT की क्लास 9 की सामाजिक विज्ञान की किताब में 1975-77 के आपातकाल का सेक्शन जोड़े जाने पर अब महाराष्ट्र कांग्रेस के विधायक विजय वडेट्टीवार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और कहा कि ऐसा करके बच्चों को गलत बातें सिखाने की कोशिश की जा रही है. ये नई पीढ़ी को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश है.
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Mumbai, Maharashtra: On NCERT introducing a section on the Emergency in the Class IX textbook, Congress MLA Vijay Wadettiwar says, "There is an attempt to distort history, spread misinformation and present facts in a misleading manner. Efforts are being made to teach children… pic.twitter.com/4vjxqVF2hC
— IANS (@ians_india) June 25, 2026
वडेट्टीवार ने कहा- इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश
कांग्रेस विधायक ने मीडिया से बातचीत में कहा,"इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करना, गलत बातें फैलाना और अफवाहें फैलाना. बच्चों को गलत बातें सिखाने की कोशिश हो रही है. उस समय जो परिस्थिति थी तब आपातकाल की आधिकारिक घोषणा की गई थी, न कि किसी गुप्त एजेंडे के तहत इसे लागू किया गया था."
'नई पीढ़ी को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश'
विजय वडेट्टीवार ने आगे कहा, "हमारे हिसाब से आज जो हो रहा है, वह अघोषित आपातकाल है. लोग सरकार के खिलाफ खुलकर बोल नहीं सकता या बात नहीं कर सकता है. ये स्थिति आज की है. यह बीजेपी सरकार की नई पीढ़ी को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश है."
विजय वडेट्टीवार ने कहा कि आज के बच्चे बहुत होशियार है. उनके पास AI और जानकारी के कई अन्य स्रोत मौजूद हैं. वो खुद तथ्यों की जांच-पड़ताल करेंगे और उन्हें जो कुछ भी परोसा जाएगा, उसे वो बिना सोचे-समझे स्वीकारेंगे नहीं.
























