सनातन संस्था को 'आतंकी' कहने पर पूर्व CM पृथ्वीराज चव्हाण की बढ़ीं मुश्किलें, मिला मानहानि का नोटिस
Mumbai News: इस नोटिस में पृथ्वीराज चव्हाण से 15 दिनों के भीतर लिखित माफी मांगने, जिस माध्यम से उन्होंने बयान दिया उसी माध्यम से और उतनी ही प्रमुखता से माफी प्रकाशित करने की मांग की गई है.

महाराष्ट्र के मालेगांव ब्लास्ट मामले में हाल ही में फैसला आया. इसके बाद 'भगवा आतंकवाद' पर बोलते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि इसे 'भगवा आतंकवाद' न कहें बल्कि 'सनातनी आतंकवाद' कहें. हालांकि उन्होंने बाद में कहा कि उन्होंने धर्म को नहीं बल्कि सनातन संस्था के लिए कहा था. इस पर अब उन्हें मानहानि का नोटिस दिया गया है.
दरअसल पृथ्वीराज चव्हाण ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उन्होंने धर्म को नहीं, बल्कि 'सनातन संस्था को आतंकी संगठन' कहा था. इस पर सनातन संस्था के ट्रस्टी वीरेंद्र मराठे की ओर से पृथ्वीराज चव्हाण को 10 करोड़ रुपये की मानहानि का नोटिस भेजा है. साथ ही सनातन संस्था ने चेतावनी दी है कि पृथ्वीराज चव्हाण बिना शर्त माफी मांगें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें.
15 दिन में मांगी लिखित माफी
इस नोटिस में पृथ्वीराज चव्हाण से 15 दिनों के भीतर लिखित माफी मांगने, जिस माध्यम से उन्होंने बयान दिया उसी माध्यम से और उतनी ही प्रमुखता से माफी प्रकाशित करने, भविष्य में कोई भी अपमानजनक बयान न देने तथा 10 हजार रुपये कानूनी खर्च के रूप में भरने की मांग की गई है.
'हजारों भावनाएं हुईं आहत'
संस्था के मानद विधिक सलाहकार और बॉम्बे हाईकोर्ट के अधिवक्ता रामदास केसरकर ने नोटिस में कहा है कि चव्हाण के बयान से सनातन संस्था की छवि धूमिल हुई है और हजारों साधकों की भावनाएं आहत हुई हैं. अगर इस नोटिस का जवाब नहीं दिया गया तो चव्हाण के खिलाफ फौजदारी और दीवानी मामले दायर किए जाएंगे.
इस विषय पर अधिक जानकारी देते हुए संस्था के प्रवक्ता अभय वर्तक ने कहा, "आज पृथ्वीराज चव्हाण कह रहे हैं कि 'भगवा' महाराष्ट्र की मराठी संस्कृति, छत्रपति शिवाजी महाराज, संत ज्ञानेश्वर और समस्त संतों तथा वारकरी परंपरा का पवित्र रंग है. इसलिए कोई भी 'भगवा आतंकवाद' ऐसा न कहे, ऐसा वे कांग्रेस नेताओं से अनुरोध कर रहे हैं."
'कांग्रेस नेताओं ने हिंदुओं को बनाया निशाना'
उन्होंने आगे कहा, "लेकिन जब मालेगांव की घटना हुई थी, तब कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम, दिग्विजय सिंह, सुशील कुमार शिंदे आदि नेताओं ने 'भगवा आतंकवाद' कहकर हिंदुओं को निशाना बनाया था. तब क्या पृथ्वीराज चव्हाण को याद नहीं आया कि 'भगवा' छत्रपति शिवाजी महाराज और संतों का प्रतीक है? क्या वे इतने वर्षों से सोए हुए थे."
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Source: IOCL





















