Baramati News: अजित पवार की मौत मामले में पहली FIR दर्ज, लंबी लड़ाई के बाद रोहित पवार को सफलता
Ajit Pawar Death Case: बारामती एयरपोर्ट के पास विमान हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत के मामले में जीरो FIR दर्ज हुई. परिजन ने साजिश, लापरवाही और नियम उल्लंघन का आरोप लगाया.

राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायक रोहित पवार की लंबी लड़ाई को आखिरकार सफलता मिली है. बारामती में अजित पवार से जुड़ी विमान दुर्घटना के मामले में पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कर ली गई है. यह मामला कर्नाटक के बंगलरू के शेषाद्रीपुरम पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है. शिकायत में इस दुर्घटना के पीछे एक बड़े आपराधिक साजिश होने का गंभीर आरोप लगाया गया है.
महाराष्ट्र के पुणे जिले स्थित बारामती एयरपोर्ट के पास 28 जनवरी 2026 को सुबह लगभग 8:43 से 8:45 बजे के बीच एक बड़ा विमान हादसा हुआ. बॉम्बार्डियर लियरजेट 45 (रजिस्ट्रेशन नंबर VT-SSK) जिसे VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड संचालित कर रही थी, जो मुंबई से बारामती जा रहा था. इस विमान में उस समय महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत कुल पांच लोग सवार थे और इस दुर्घटना में सभी की मौत हो गई.
इस मामले में मृतक के भतीजे रोहित पवार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 173(1) के तहत जीरो FIR दर्ज कराई है. शिकायतकर्ता ने इससे पहले 25 फरवरी 2026 को मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन और 26 फरवरी 2026 को बारामती पुलिस स्टेशन का रुख किया था, लेकिन वहां FIR दर्ज नहीं की गई. बाद में पुणे CID ने उन्हें बताया कि वे केवल आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) के एंगल से जांच कर रहे हैं.
इसलिए शिकायतकर्ता ने यह FIR दर्ज कराते हुए मांग की है कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की सीमित तकनीकी जांच से अलग एक स्वतंत्र आपराधिक जांच कराई जाए. शिकायत में दावा किया गया है कि यह हादसा नहीं, बल्कि उपमुख्यमंत्री को खत्म करने के उद्देश्य से रची गई एक बड़ी आपराधिक साजिश का परिणाम है.
लगभग 4,915 उड़ान घंटे पूरे कर चुका था विमान
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विमान के संचालन और रखरखाव में गंभीर लापरवाही, सुरक्षा नियमों का लगातार उल्लंघन, रिकॉर्ड में हेरफेर और जानबूझकर की गई अनियमितताएं इस दुर्घटना की वजह बनीं. 24 फरवरी 2026 को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट में यह स्वीकार किया गया कि VSR कंपनी के विमान लापरवाहीपूर्ण स्थिति में थे और उड़ान के लिए उपयुक्त नहीं थे. जांच के दौरान उन्हें ग्राउंड भी किया गया था.
बताया गया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान ने लगभग 4,915 उड़ान घंटे पूरे कर लिए थे और इंजन के ओवरहॉल (TBO) की सीमा 5,000 घंटे के बेहद करीब था. इसके बावजूद कंपनी ने इसे व्यावसायिक उड़ानों में इस्तेमाल जारी रखा, जिससे तकनीकी खराबी का खतरा बढ़ गया. शिकायत में यह भी आरोप है कि विमान के वास्तविक उड़ान घंटों को कम दिखाया गया.
आधिकारिक रिकॉर्ड में जहां 4,915 घंटे दर्ज थे. वहीं विश्वसनीय जानकारी के अनुसार यह आंकड़ा 8,000 घंटे से अधिक हो सकता है, जो सुरक्षित सीमा से काफी ज्यादा है. इसे रिकॉर्ड में हेरफेर और कानून का गंभीर उल्लंघन बताया गया है. हादसे के दिन मौसम की स्थिति भी प्रतिकूल थी. एक फ्लाइंग ट्रेनिंग संगठन द्वारा हाथ से बनाए गए चार्ट में विजिबिलिटी 3,000 मीटर बताई गई, जबकि पुणे METAR डेटा के अनुसार यह करीब 2,000 मीटर थी और सैटेलाइट तस्वीरों में बारामती क्षेत्र में कोहरा दिखाई दे रहा था.
लैंडिंग के दौरान नियमों का हुआ था उल्लंघन
भारतीय नागरिक उड्डयन नियमों के अनुसार, विजुअल फ्लाइट रूल्स (VFR) के तहत 5 किलोमीटर से कम विजिबिलिटी में लैंडिंग की अनुमति नहीं होती है. इसके बावजूद विमान को लैंडिंग की मंजूरी दी गई, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है. शिकायत में DGCA के सर्टिफिकेशन रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए गए हैं. विमान का एयरवर्थिनेस सर्टिफिकेट 16 दिसंबर 2021 को जारी किया गया, जबकि रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट 27 दिसंबर 2022 को मिला, जो सामान्य प्रक्रिया के विपरीत है. आमतौर पर पहले रजिस्ट्रेशन और बाद में एयरवर्थिनेस सर्टिफिकेट जारी होता है. यह विमान पहले अमेरिका में N80PQ रजिस्ट्रेशन के तहत संचालित हो चुका था और कथित तौर पर वहां इसे व्यावसायिक उपयोग के लिए अनुपयुक्त मानकर हटा दिया गया था. इसके बावजूद इसे भारत में आयात कर सेवा में शामिल किया गया.
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मुख्य पायलट के खिलाफ पहले भी दर्ज थे कई मामले
मुख्य पायलट सुमित कपूर के खिलाफ पहले भी शराब पीकर उड़ान भरने के मामले दर्ज हैं. 2010 और 2017 में वे अल्कोहल टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए थे, जिसके बाद DGCA ने उनके उड़ान लाइसेंस को तीन साल के लिए निलंबित कर दिया था. इसके अलावा, अमेरिका में प्रशिक्षण के दौरान भी उन्हें शराब के कारण कोर्स छोड़ना पड़ा था. इसके बावजूद उन्हें इस उड़ान का मुख्य पायलट बनाया गया. उड़ान के लिए पहले निर्धारित क्रू को आखिरी समय में बदल दिया गया. आधिकारिक कारण ‘ट्रैफिक में फंसना’ बताया गया, लेकिन इसके समर्थन में कोई ठोस सबूत या CCTV फुटेज नहीं है.
शिकायत में यह भी कहा गया है कि सुमित कपूर की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और उनके खिलाफ शराब सेवन का इतिहास था, जिससे वे दबाव या प्रलोभन के प्रति संवेदनशील हो सकते थे. VSR कंपनी द्वारा हाल ही में उनके नाम पर जीवन बीमा पॉलिसी लिए जाने का भी जिक्र किया गया है, जिससे संदेह और गहरा हो जाता है.
बारामती पुलिस को ट्रांसफर कर दिया मामला
इसके अलावा, उपमुख्यमंत्री का पहले 27 जनवरी की शाम सड़क मार्ग से पुणे जाने का कार्यक्रम था, लेकिन बिना कारण बताए वे मुंबई में ही रुक गए. उड़ान भी अपने निर्धारित समय 7 बजे से करीब 70 मिनट देरी से रवाना हुई. उड़ान के दौरान पहले सुरक्षित रनवे 29 की मांग की गई, लेकिन दो मिनट बाद इसे बदलकर अधिक जोखिम वाले रनवे 11 पर लैंडिंग का फैसला लिया गया. पहली लैंडिंग असफल रहने के बावजूद दूसरा प्रयास नहीं किया गया.
फ्लाइट के अंतिम क्षणों में को-पायलट शांभवी पाठक ने ‘OH SHIT OH SHIT’ कहा, जबकि मुख्य पायलट पूरी तरह शांत रहे- न कोई आपातकालीन कॉल, न कोई प्रतिक्रिया. इसे या तो पायलट की अक्षमता या जानबूझकर निष्क्रिय रहने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. शिकायत में इन सभी तथ्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत आपराधिक साजिश और हत्या जैसे गंभीर अपराधों की जांच की मांग की गई है.
इस मामले में बैंगलोर के हाय ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया. BNS की धारा 103, 105, 106, 125, 238, 336(2) के तहत मामला दर्ज किया गया. रोहित पवार के आरोप पर पुलिस ने मामला दर्ज कर बारामती पुलिस को ट्रांसफर कर दिया है.
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Source: IOCL




























